भारत में कोरोना संक्रमण की कुल संख्या एक करोड़ से अधिक

कोरोना संक्रमण के निरंतर नए मामले सामने आने से इनकी कुल संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई है और यह आंकड़ा पार करने वाला भारत विश्व का दूसरा देश बन गया है। हालांकि अच्छी बात यह है कि देश में संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ गई है और उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर तीन लाख के करीब रह गई है। विश्व में अब तक सर्वाधिक 1.78 करोड़ से अधिक मामले अमरीका में सामने आए हैं और अब भारत में भी यह आंकड़ा एक करोड़ के पार हो गया है। ब्राजील तीसरे स्थान पर है, जहां अब तक 71.63 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं, परंतु इन दोनों देशों में भारत की तुलना में कोरोना से बहुत अधिक मौतें हुई हैं।
अमरीका में 3.21 लाख, ब्राजील में 1.85 और भारत में 1.45 लाख मौतें हुई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 25,153 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के मामले एक करोड़ पार हो गए। इस दौरान 29,885 मरीजों के स्वस्थ होने से रिकवरी दर बढ़कर 95.46 प्रतिशत हो गई है। सक्रिय मामले 5080 कम हुए और इसकी दर 3.09 प्रतिशत रह गई। इसी अवधि में 347 मरीजों की मौत हो गई और मृत्यु दर अभी 1.45 फीसदी है। उधर, कोरोना वायरस की अधिक से अधिक जांच कर वायरस प्रभावितों का शीघ्र पता लगाकर संक्रमण को नियंत्रित करने की मुहिम में 18 दिसंबर को देश में कुल जांच का आंकड़ा 16 करोड़  को पार कर गया।
29 दिन में 90 लाख से एक करोड़ हुए मामले
देश में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी पड़ने से इसके अंतिम 10 लाख मामलों की वृद्धि होने में 29 दिन का समय लगा, जो जुलाई के बाद सर्वाधिक है। कोरोना संक्रमण के मामले 20 नवंबर को 90 लाख के पार पहुंचे थे और 29 दिन बाद 19 दिसंबर को यह आंकड़ा एक करोड़ से अधिक हो गया।
इससे पहले 80 से 90 लाख मामले होने में 22 दिन का समय लगा था। देश में कोविड-19 संक्रमण का पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था। कोरोना संक्रमितों की संख्या पहले 10 लाख तक पहुंचने में 169 दिन लगे और 17 जुलाई को यह 10,03,832 पर पहुंचा, लेकिन इसके बाद संक्रमण में इतनी तेजी आई कि एक समय महज 11 दिन में 10 लाख लोग इसकी चपेट में आ गए थे। कोरोना संक्रमण के मामले दस से 20 लाख तक पहुंचने में 21 दिन का समय लगा था, वहीं 20 से 30 लाख तक पहुंचने में 16 दिन, 30 से 40 लाख में 13 दिन, 40 से 50 लाख में 11 दिन, 50 से 60 लाख 12 दिन, 60 से 70 लाख में 13 दिन, 70 से 80 लाख में 18 दिन और 80 से 90 लाख तक पहुंचने में 22 दिन लगे थे।