भारत और जापान के रक्षा मंत्रियों ने साझा बयान में दोहराई स्वतंत्र और खुले रूप से मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता

भारत और जापान के रक्षा मंत्रियों ने साझा बयान जारी कर स्वतंत्र और खुले रूप से मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जापान दौरे के दूसरे दिन जापान मरीन यूनाइटेड इसोगो वर्क्स के शिपयार्ड का दौरा किया, साथ ही हममात्सु में जापान की वायु सेना के प्रशिक्षण कमांड मुख्यालय का भी दौरा किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जापान दौरे के दौरान भारत और जापान के रक्षा मंत्रियों के बीच साझा बयान जारी हुआ। साझा बयान में भारत और जापान ने स्वतंत्र और खुले रूप से मिलकर काम करने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों रक्षा मंत्रियों ने साझा सुरक्षा के लिए रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने में हुई प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया और जापान -भारत के बीच रणनीतिक और रक्षा सहयोग को और मज़बूत करने की अपनी इच्छा को फिर से दोहराया। दोनों रक्षा मंत्रियों ने इस साल के अंत में जापान-भारत वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले विदेश और रक्षा मंत्री स्तर का (2 + 2) संवाद आयोजित करने की मंशा जताई। समद्रीय सुरक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग में आई गति का दोनों देशों ने स्वागत किया। जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स और भारतीय नौसेना के बीच  पिछले साल समझौता हुआ था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने जापान दौरे के दूसरे दिन जापान की नौसेना के लिए बेहद अहम माने जाने वाले Japan Marine United Isogo Works के शिपयार्ड JMU का दौरा किया। जेएमयू समुद्री जहाजों के निर्माण में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। योकोहामा में JMU मुख्यालय के दौरे के दौरान रक्षा मंत्री को इसोगो वर्क्स में शिप बिल्डिंग क्षेत्र में जारी नवाचारों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी गई।  ख़ास बात ये भी है कि कई भारतीय समुद्री जहाज़ निर्माण कंपनियों जैसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और गार्डन रिच शिपबिल्डर्स के साथ पिछले नवंबर से जंगी जहाज़ों के निर्माण में सहयोग के लिए चर्चाओं का दौर चल रहा है।

मंगलवार को रक्षा मंत्री के जापान दौरे की खास बातों में से एक रही बुलेट ट्रेन का सफर। ये सफर थी, योकोहामा से हमामात्सु तक की। राजनाथ सिंह का सिंकनसेन बुलेट ट्रेन का ये सफ़र कई मायनों में भारत के परिवहन क्षेत्र के भविष्य की तस्वीर की तरफ इशारा कर गया, क्योंकि भारत मे अब जहां सेमी हाई स्पीड ट्रेन दौड़ने लगी है तो लक्ष्य है कि साल 2022 तक मुम्बई-अहमदाबाद के बीच यही सिंकनसेन बूलेट ट्रैन दौड़ेगी। इसके लिए जापान के साथ 24 ट्रेनों को भारत लाने पर तेज़ी से चर्चाएं चल रही हैं।

बुलेट ट्रेन से हमामात्सु पहुंचे राजनाथ सिंह का वायु सेना के प्रशिक्षण कमांड मुख्यालय पर गर्मजोशी से स्वागत हुआ।रक्षा मंत्री ने यहां जापान की वायु सेना के प्रशिक्षण कमांड मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरे के दौरान रक्षा मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का जापान की वायु सेना के अधिकारियों के साथ गहन विचार विमर्श का दौर चला, जिसमें जापान की वायु सेना के प्रशिक्षण की बारीकियों को सामने रखा गया। वहीं, रक्षा मंत्री ने तमाम प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारियों के अलावा जापान एयर सेल्फ डिफेंस बल के E-767 AWAC, F-15 फाइटर जेट और T-4 प्रशिक्षण विमान की क्षमताओं का जायज़ा भी लिया।