भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन की 3787 करोड़ बढ़ी लागत

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बिलासपुर-लेह रेललाइन के प्रथम चरण के 63.1 किलोमीटर हिस्से की अनुमानित लागत मूल लागत से दोगुना से ज्यादा पहुंच चुकी है। भानुपल्ली से बिलासपुर के बैरी तक प्रथम चरण की अनुमानित मूल लागत 2966 करोड़ थी, जो अब 6753 करोड़ पहुंच गई है। यानी प्रथम चरण के 63.1 किलोमीटर हिस्से की अनुमानित लागत 3787 करोड़ बढ़ गई है। वहीं 12 वर्षों में इस परियोजना पर 666 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। उत्तर रेलवे ने सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय को दी रिपोर्ट में प्रोजेक्ट मार्च 2025 तक पूरा करने का दावा किया है।

उल्लेखनीय है कि साल 2008 में भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन को अप्रूवल मिला। उत्तर रेलवे के इस प्रोजेक्ट का जिम्मा रेल विकास निगम के पास है। इसका वर्तमान स्टेटस यह है कि भानुपल्ली से दरोट तक इसके 7 पुलों और 7 टनलों पर काम चल रहा है। टनलों का 20 फीसदी काम पूरा हो चुका है। रेललाइन में टनलों के साइट इंजीनियर उपेंद्र परमार ने बताया कि टनल निर्माण शुरू करने में ज्यादा समय लगता है, लेकिन इसके बाद इनका कार्य तीव्र गति से होता है। इस रेललाइन में दबट में एक किलोमीटर लंबा पुल बनाया जा रहा है।
प्रोजेक्ट के लिए होने हैं कुल 25 टेंडर
इस प्रोजेक्ट में छोटे-छोटे कार्य करने के लिए कुल 25 टेंडर दिए जाएंगे। जिनमें से करीब 1.69 करोड़ रुपये लागत के 10 टेंडर आवंटित किए जा चुके हैं। अभी करीब 4 करोड़ 50 लाख के टेंडर आवंटित होने हैं।

52 किलोमीटर के लिए भूमि अधिग्रहण की हो चुकी है समझौता
इस रेललाइन के निर्माण के करीब 52 किलोमीटर ट्रैक के लिए भूमि अधिग्रहण को समझौता हो चुका है। वहीं पंजाब और हिमाचल में भानुपल्ली से दरोट तक 20 किलोमीटर पर निर्माण कार्य चला है। उसे आगे कुछ गांवों में नेगोसेशन के बाद लोग जमीन के दाम बढ़कर मांग रहे हैं, जिससे भू अधिग्रहण में अड़चन बनी है।