ब्रह्मांड से एक संकेत की प्रतीक्षा कर रहे हैं? यह है वह संकेत!

एक व्यक्ति जो असुरक्षाओं से ग्रस्त है, चोटी की सफलता हासिल कर सकता है अगर उसे पता हो कि इनका मुकाबला कैसे करना है। डर, ईर्ष्या, अहंकार, घृणा और स्वार्थीपन जो हम पर हावी है हमें अपनी वास्तविक क्षमता तक नहीं पहुंचने से रहें हैं। वे हमें अपनी आंतरिक शांति को अनुभव करने से रोक रहें हैं। इन्हीं कई चुनौतियों में, मानवता वैश्विक महामारी के साथ अब तक की सबसे कठिन परीक्षा का सामना कर रही है। ऐसा लगता है अराजकता हमारे दरवाजे पर है!

बाहरी हलचल हमारी मानसिकता, दृष्टिकोण और जीवन के प्रति दृष्टिकोण में आंतरिक बदलाव चाहती है। हमारी सभी समस्याओं का समाधान है – परिवर्तन। हम जिस परिवर्तन की बात कर रहे हैं वह एक आंतरिक स्थायी बदलाव है जो प्रत्येक व्यक्ति के प्रति एक मानसिक सकारात्मक स्थिति, खुशी, आनंद, शांति और स्वाभाविक रूप से प्रेम को बढ़ावा देता है।

मैत्रीबोध परिवार के संस्थापक और दूरदर्शी मैत्रेय दादाश्रीजी ने हर व्यक्ति के लिए ‘वैश्विक परिवर्तन कार्यक्रम’ शुरू किया है जो भविष्य के लिए एक बेहतर दुनिया का निर्माण करना चाहते हैं। 2 साल की अवधि में 25 पाठ्यक्रमों के साथ, यह कार्यक्रम विचारात्मक, ध्यान धारणा वाला और अनुभवात्मक है, जो आपको अपना बेहतर प्रारूप बनने में मदद करेगा। एक व्यक्ति से शुरू करते हुए, यह परियोजना सभी के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करते हुए एक वैश्विक परिवर्तन की कल्पना करती है।

वह कहते हैं, “हमारे जीवन में दुःख का प्रत्येक क्षण हमें बदलने के लिए कह रहा है। उस परिवर्तन को होने दें। जब हम परिवर्तित होते हैं, तो हम आगे बढ़ते हैं।”

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