बिलासपुर: जाला देवी मंदिर में गिरी आसमानी बिजली, मुश्किल से बची मंदिर के पुजारी की जान

जिला बिलासपुर के अंतर्गत उपमंडल स्वारघाट के तहत ग्राम पंचायत स्वाहण के जाला देवी मंदिर में आसमानी बिजली गिरी है। आसमानी बिजली गिरने के चलते जहां मंदिर खंडित हुआ है। वहीं, मंदिर में स्थापित माता की मूर्ति भी इस आसमानी बिजली के चलते खंडित हुई है। इसके अलावा इस आसमानी बिजली के चलते मंदिर के पुजारी की भी जान बड़ी मुश्किल से बची। हालांकि अचानक हुए हादसे के चलते लोगों में भी चर्चा बनी हुई है, लेकिन क्षेत्र के लोग इसे देवीय प्रकोप भी मान रहे हैं। इससे पहले भी मंदिर में इस तरह के हादसे हो चुके हैं। आसमानी बिजली गिरने के चलते मंदिर को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 7:25 बजे आसमानी बिजली गिरने से मंदिर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस हादसे में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है, पर धमाके के साथ मंदिर के दरवाजे टूट गए।

मंदिर में रखी पुरानी मूर्ति खंडित हो गई। मंदिर में स्थापित नई मूर्ति से जिस हाथ में माता ने सुदर्शन चक्र उठाया हुआ है, उस अंगुली का ऊपरी हिस्सा खंडित हुआ है। हादसा उस वक्त पेश आया, जब मंदिर के पुजारी रामलाल पुत्र संतराम मंदिर में पूजा करने के बाद मंदिर से बाहर निकले थे। वहीं मंदिर के साथ ही एक अन्य मंदिर के निर्माण कार्य में मजदूर भी लगे हुए थे, लेकिन अचानक ही जोर का धमाका हुआ, जिसे सुनकर इन लोगों के भी होश उड़ गए। यहां तक कि इस धमाके के चलते मंदिर के पूजारी बेहोश हो गए। होश आने के बाद ही मंदिर के पुजारी को हादसे का पता चल पाया। उधर, इस हादसे की सूचना एसडीएम स्वारघाट को भी दी गई। उन्होंने मंदिर कमेटी को हर संभव सहयोग करने की बात कही है। वहीं, जालादेवी मंदिर कमेटी के प्रधान दीप कुमार व सचिव कृष्ण दयाल ने बताया कि यह मंदिर करीब 600 साल पुराना है और यहां हर साल सायर का मेला लगता है, जिसमें हिमाचल, पंजाब व हरियाणा के श्रदालु यहां पर माथा टेकने के लिए आते हैं। इस बार यह मेला एक सप्ताह बाद 16 सितंबर से शुरू होना था, जिसके लिए तैयारियां चली हुई थीं। स्थानीय ग्राम पंचायत स्वाहण के प्रधान दीनानाथ ठाकुर ने कहा कि मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए पंचायत की तरफ से हरसंभव सहायता मुहैया करवाई जाएगी।