बिलासपुर: बिना कर्ज लिए थमा दिया 20 लाख का रिकवरी नोटिस, जहर खा दी जान

सांकेतिक तस्वीर

सहकारी सभा तलाई के सेल्समैन ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। उसने सुसाइड नोट में ऊना के लठियानी में काम कर चुके कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के एक कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि बैंक कर्मी उसे बार-बार 20 लाख रुपये कर्ज लौटाने के लिए तंग कर रहा था। उधर, मृतक के पिता का कहना है कि मेरे बेटे रामकुमार और मैंने बैंक से कोई लोन लिया ही नहीं है।

रिकवरी नोटिस आने से बेटा परेशान था। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर बैंक कर्मी सुरेंद्र कुमार पर आत्महत्या को उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी तीन-चार साल पहले ही दूसरी शाखा में ट्रांसफर हो चुका है तो फिर वह रिकवरी के लिए क्यों परेशान कर रहा था।

दसलेहड़ा पंचायत निवासी जगदीश चंद ने बताया कि मेरा बेटा रामकुमार सहकारी सभा में सेल्समैन था। उसे कुछ दिनों पहले ही पता चला कि लठियानी बैंक में उसका 20 लाख का कर्ज है। उसे बैंक के रिकवरी नोटिस आए थे। बैंक कर्मी सुरेंद्र कुमार उसे बार-बार लोन भरने का दबाव बना रहा था। इससे वह तनाव में था।