बांग्लादेश: हिंदुओं के खिलाफ आग भड़काने वाला निकला मुस्लिम

बांग्लादेश में एक दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान रखे जाने की घटना के बाद देश जल उठा है। मुस्लिम कट्टरपंथियों की भीड़ ने दर्जनों मंदिरों में तोडफ़ोड़ की है और सात लोग मारे भी गए हैं। अब बांग्लादेश पुलिस ने दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान रखने वाले की पहचान की है। यह कोई हिंदू नहीं, बल्कि मुस्लिम है और इसकी पहचान शहर के ही सुजाननगर एरिया के इकबाल हुसैन (35 साल) के तौर पर की गई है। माना जा रहा है कि इकबाल हुसैन ने सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाडऩे के लिए कुरान की प्रति को पंडाल में रखा और वह इसमें कामयाब भी हो गया। बांग्लादेश पुलिस ने कोमिल्ला शहर में पंडाल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से कुरान रखने वाले का पता कर लिया है। खबर के मुताबिक हुसैन का साथ देने वाले दो साथियों की भी पहचान की गई है।

इनके नाम फयाज और इकराम हुसैन बताए गए हैं। ये दोनों हिरासत में ले लिए गए हैं। पुलिस ने कुल 41 सस्पेक्ट्स को हिरासत में लिया है। इनमें फयाज और इकराम समेत चार लोग हुसैन के साथियों के तौर पर पहचाने गए हैं। बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना ने पूरी साजिश का पता कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश पुलिस को दिए हैं। माना जा रहा है कि यह सरकार के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश की सोची समझी साजिश है। हालांकि अभी इसके लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इकबाल हुसैन को नानुआ दिघिर में पूजा पंडाल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में देखा गया। एक फुटेज में वह एक स्थानीय मस्जिद से हरे कपड़े में लिपटी कुरान लेकर निकलने के बाद पूजा पंडाल में प्रवेश करता दिखा है। इसके बाद वह भगवान हनुमान की मूर्ति के पास घूमता देखा गया। पुलिस अब तक हुसैन को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि कोमिल्ला में पूजा पंडाल के अंदर भगवान गणेश के पैरों के नीचे मिली हरे कपड़े में लिपटी कुरान बांग्लादेश में नहीं छपी थी। सऊदी अरब में छपी इस कुरान को फयाज लेकर आया था और यह उसकी निजी कुरान थी।

हुसैन ने रखी, फयाज ने भड़काए लोग

पुलिस ने पूरी साजिश की गहन जांच कर ली है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि हुसैन ने पंडाल में कुरान रखी थी। इसके बाद फयाज ने वहां अपने समुदाय के लोगों की भीड़ जुटाकर उन्हें भड़काया था। इसके बाद इकराम ने 999 आपातकालीन सेवा पर फोन कर पुलिस को पूजा पंडाल में कुरान रखे होने की जानकारी दी थी। नानुआ दिघिर पूजा सेलिब्रेशन कमेटी के प्रेजिडेंट सुबोध राय ने बताया कि हमने पवित्र कुरान नहीं देखी थी। अचानक दो युवा आए और चिल्लाना शुरू कर दिया कि पूजा मंडप में कुरान मिली, मंडप में कुरान मिली। इसके बाद दंगा शुरू हो गया।

फयाज ने ही फेसबुक लाइव किया था

फयाज ने ही बाद में फेसबुक पर लाइव वीडियो बनाया था, जिसमें उसने इस पूरी घटना की डिटेल बेहद उकसाने वाले अंदाज में बताई थी। माना जा रहा है कि इसी वीडियो के बाद बांग्लादेश के अन्य हिस्सों में भी पूजा पंडालों और हिंदुओं के घरों पर हमले की घटनाएं शुरू हुई थीं।