बच्चों में एंटीबॉडी ढूंढेगी सरकार

हिमाचल में कोरोना की संभावित तीसरी लहर की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग बच्चों पर सर्वे करने जा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कालेज में यह सर्वे किया जाएगा। यहां पर 0 से 18 साल आयु वर्ग के बच्चों पर एंटीबॉडी टेस्ट किया जाएगा। दो महीने में यह सर्वे पूरा होगा। इसमें यह पता चल सकेगा कि कितने बच्चों में कोविड से बचाव के लिए एंटीबॉडी बनी हैं। दोनों अस्पताल में विभिन्न बीमारियों का इलाज करवाने पहुंचने वाले बच्चे, जिनका किसी वजह से वजन कम है, कोविड हुआ है या अन्य किसी बीमारी का उपचार किया जाना है, तो ऐसे बच्चों के कोविड एंटीबॉडी टेस्ट अस्पताल के डाक्टरों द्वारा किए जाएंगे। इन सैंपल की जांच अस्पताल की लैब में ही की जाएगी। बिना अभिभावकों की मंजूरी के किसी भी बच्चे का एंटीबॉडी टेस्ट नहीं किया जाएगा। ऐसे में चयनित बच्चों पर यह सर्वे किया जाएगा। इस तरह का टेस्ट होने के बाद यह पता चल जाएगा कि हिमाचल के कितने बच्चे संक्रमण से प्रभावित हुए और उसके बाद ठीक हो गए। उल्लेखनीय है कि एम्स की तर्ज पर यह सर्वे किया जा रहा है।