बंगाल: बजट सत्र के हंगामेदार रहने के आसार, राज्यपाल धनखड़ का ममता सरकार का अभिभाषण पढ़ने से किनारा

पश्चिम बंगाल विधानसभा में आज से बजट सत्र शुरू हो रहा है। इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार है। शुरुआत में ही ममता सरकार और राज्यपाल के बीच टकराव की आशंका तेज हो गई है। विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत दोपहर 2 बजे राज्यपाल जगदीप धनखड़ के अभिभाषण के साथ शुरू होगी,  लेकिन धनखड़ ने पहले ही साफ किया है कि सरकार की सभी लिखी चीजों को वो सदन में नहीं बोलेंगे।

नियमों के मुताबिक, विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है। इस अभिभाषण को राज्य सरकार तैयार करती है और राज्यपाल सदन में इसे पढ़ते हैं। आमतौर पर अभिभाषण में सरकार के कामकाज की उपलब्धियां और आने वाली योजनाओं का खाका होता है, लेकिन राज्यपाल जगदीप धनखड़ कई मौकों पर ममता सरकार के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं।

सीएम ममता और राज्यपाल आमने-सामने
गौरतलब है कि बंगाल चुनाव में भाजपा की करारी शिकस्त के बाद पार्टी से कई नेताओं का मोहभंग शुरू हो गया है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय की टीएमसी में घर वापसी हुई है, उसके बाद से भाजपा से टीएमसी में जाने का सिलसिला लगातार जारी है। विपक्षी दल भाजपा के निशाने पर ममता सरकार है। वहीं ममता बनर्जी भी भाजपा पर हमले करने का एक मौका नहीं छोड़ती। बीते दिनों सीएम ममता बनर्जी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भ्रष्टाचारी बताया था। जिसपर राज्यपाल ने खुद पर लगाए गए सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। राज्यपाल धनखड़ ने कहा था कि उन पर राजनीति की भावना से प्रेरित होकर सारे आरोप लगाए जा रहे हैं।

भाजपा और टीएमसी के बीच टकराव
राज्य में चुनाव के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच हुई हिंसा में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं की मौत हुई थीं। भाजपा करीब सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं की मौत का दावा कर रही है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता भाजपा पर दंगा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं। पिछले दिनों बंगाल में हुई हिंसा के बाद बड़ी संख्या में लोग असम और अन्य राज्यों के शिविरों में शरण लिए थे। राज्यपाल धनखड़ ने असम के शिविरों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की थी और हर संभव मदद का भरोसा दिया था।  राज्यपाल के दौरे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल उठाते हुए पद की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी थी। जिसपर भाजपा ने भी ममता पर पलटवार किया था।