प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के लाखों डकारने का हमीरपुर में मामला आया सामने

हिमाचल के कांगड़ा (Kangra), ऊना और मंडी के बाद अब हमीरपुर जिले में भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (PM Samman Nidhi Yojana) के लाखों डकारने का मामला सामने आया है. जिला हमीरपुर (Hamirpur) में प्रारंभिक जांच के बाद 905 अपात्र किसानों का खुलासा हुआ है. इन 905 अपात्र किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 93.36 लाख रुपये डकारे हैं. मामले की जांच के बीच सोमवार को एक अपात्र लाभार्थी ने सरकारी खजाने में 12 हजार रुपये जमा भी करवा दिए हैं. जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 59,711 किसान पंजीकृत हैं.
केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि में सालाना 6 हजार रुपये 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में उनके खाते में मिलते हैं. जिले में करीब 905 ऐसे किसान हैं, जो सरकारी नौकरी में हैं. इनमें अधिकतर पेंशनर और आयकर दाता शामिल हैं. प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट आयकर विभाग से भी ली है। अब शीघ्र इन अपात्र किसानों से रिकवरी होने वाली है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में आयकर दाताओं, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को अपात्र घोषित किया गया था. बावजूद इसके 905 लोगों ने आवेदन कर आर्थिक सहायता हासिल की. वही देवराज भाटिया, जिला राजस्व अधिकारी हमीरपुर ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 59711 किसान पंजीकृत हैं. जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों और राजस्व विभाग के पटवारियों से सूचना मांगी है. अभी तक 905 अपात्र किसानों का पता चला है. इनके खाते में 93.36 लाख रुपये जमा हुए हैं. इनसे शीघ्र रिकवरी होगी.
डीसी हमीरपुर देव श्वेता बनिक ने बताया कि केंद्र सरकार ने किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है. जिले में इस स्कीम का लाभ ले रहे अपात्र किसानों का पता लगाने को राजस्व विभाग से रिपोर्ट मांगी है. अपात्र लोगों से शीघ्र रिकवरी होगी.
कांगड़ा में ढाई करोड़ डकारे
कांगड़ा में 2500 अपात्र लोगों ने किसान निधि से पैसे लिए हैं. अब प्रशासन ने इनको नोटिस दिए हैं और इन सबसे रिकवरी होगी. ऊना जिले में भी 1 करोड़ से अधिक राशि अपात्र लोगों को दी गई है. हिमाचल में कांगड़ा में मामले के सामने आने के बाद अब हर जिले में प्रशासन जांच कर रहा है कितने अपात्र लोगों ने
यह सम्मान राशि हासिल की है. आयकर विभाग ने यह गड़बड़ी पकड़ी है.