पालमपुर: पैदा होगा शटाके मशरूम

जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जाइका) इंडिया के वरिष्ठ जापानी अधिकारियों ने बुधवार को जिला कांगड़ा के भट्टूं और पनापर गांव का दौरा कर जाइका परियोजना के पहले चरण में हुए कार्य का निरीक्षण किया और किसानों से रू-ब-रू हुए। जाइका के तहत पहले चरण हुए कार्यों और फसल विविधीकरण की दिशा में किसानों के आर्थिक रूप में सुदृढ़ होने को लेकर जापान के वैज्ञानिकों ने प्रसन्नता जाहिर कर प्रदेश सरकार और कृषि विभाग को बधाई दी। इस अवसर पर जाइका-इंडिया के प्रमुख साइतो मित्सुनोरी ने कहा कि जाइका परियोजना में जो भी कार्य हुआ बहुत अच्छा और सफलता पूर्वक कार्य हुआ है। जाइका परियोजना के दूसरे चरण में 25 हजार किसान परिवारों को लाभ होगा और प्रदेश के 306 स्थानों को परियोजना के क्रियावंन के लिए चिन्हित कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि परियोजना में सबसे पहले किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था की जाएगी और उसके बाद उन्हें सब्जी उत्पादन के प्रोत्सहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में किसानों को उत्पादों को बेचने के भी सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत में वर्तमान में औषधीय गुणों से परिपूर्ण शटाके मशरूम विदेश से आयात हो रहा है। उन्होंने बताया कि पालमपुर देश का पहला स्थान होगा, जहां किसानों को शटाके मशरूम उगाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और यहां शटाके मशरूम की पैदावार होगी। उन्होंने कहा कि पालमपुर इस मशरूम को सुखाने के भी मशीन लगा दी गई है और इसकी मार्केटिंग भी जापान की एक कंपनी करेगी। उन्होंने कहा कि इसके संचालन में केवल जाइका ही नहीं बल्कि प्रदेश सरकार और कृषि विभाग ने बहुत सराहनीय योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य सतत और जलवायु अनुकूल कृषि विकास है और जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी भविष्य में भी अपना पूरा सहयोग कृषि विविधीकरण और किसानों के उत्थान के लिये जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि आज जहां भी उन्होंने दौरा किया है उन क्षेत्रों फसल विविधीकरण में बहुत अच्छा और सराहनीय कार्य हुआ है इससे किसानों की आय में काफी बढ़ोतरी हुई है। इस अवसर पर जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जाइका) के मुख्य परियोजना सलाहकार डाक्टर जेसी राणा ने बताया कि जाइका परियोजना के जापानी अधिकारियो कांगड़ा के गांव गेला का दौरा किया। इस टीम में जाइका परियोजना के भारत प्रमुख साइतो मित्सुनोरी के साथ जापान के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक फुरुयामा कोरी और सुबोरती तालुकदार, प्रदेश के मुख्य परियोजना सलाहकार जाइका डाक्टर जेसी राणा, परियोजना निदेशक डाक्टर सुरेश कपूर, जिला परियोजना प्रबंधक डाक्टर राजेश सूद के अतिरिक्त कृषि विभाग के अधिकारी शामिल रहे। जाइका इंडिया के दल ने जिला कांगड़ा के गेला गांव, भट्टूं मेंं उत्पाद एकत्रण केंद्र और पनापर गांव में बहाब सिंचाई योजना पहले चरण में बनी विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया और इलाके के किसानों से इन परियोजनाओं के बनने से आए बदलाव पर बात की।