पालमपुर के बेटे को एमजॉन में 65 लाख की नौकरी

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अपना लक्ष्य निर्धारित हो और उस पर पूरी लग्न से जुट जाएं, तो हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ साबित किया है पालमपुर के करीब एक छोटे से गांव के साधारण परिवार के युवा अर्चित गुलेरिया ने। इस 25 वर्षीय युवक को नामी कंपनी एमजॉन ने अपने यहां नौकरी के लिए आमंत्रित किया है, जहां उसे 65 लाख रुपए सालाना का वेतन दिया जाएगा। 28 सितंबर,1996 को जन्में अर्चित ने पालमपुर के ठाकुरद्वारा स्थित माउंट कार्मेल स्कूल से 2014 में जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद जेईई मेन्स परीक्षा में सफलता प्राप्त की और पंजाब इंजीनियरिंग कालेज (पीईसी) से अपनी पसंदीदा कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की शिक्षा ग्रहण की। अर्चित के पिता अनिल गुलेरिया सेना से सेवानिवृत्त हैं और माता रंजना गुलेरिया गृहिणी हैं। मूलत: एक सैन्य पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले परिवार के अर्चित को बचपन से ही कम्प्यूटर इंजीनियरिंग का शौक था। अर्चित की बहन रूपाली भी इंजीनियर है और अभी पुणे में नौकरी कर रही हंै।

अर्चित को गूगल समेत कई बड़ी कंपनियों में नौकरी के ऑफर मिले, लेकिन अंतत: उसने एमजॉन को चुना। अर्चित अगस्त माह में काम शुरू करेगा और फिलवक्त उसे वर्क फ्राम होम की सुविधा है। इसके बाद वह जब चाहे, किसी भी देश में नौकरी के लिए जा सकता है। इससे पहले अर्चित ने स्टार्टअप में भी कार्य किया और उसका कुल 43 महीने का अनुभव है। कोविड के दौर में अर्चित को भी वापस घर आना पड़ा और अब अर्चित एमजॉन में सॉफ्टवेयर डिवेलपमेंट इंजीनियर-टू के पद पर सेवाएं देगा और उसे एमजॉन द्वारा इस स्तर पर दिया जाने वाला सर्वाधिक वेतन प्रदान किया जाएगा। अर्चित कहता है कि युवाओं को अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान देना चाहिए और मौजूदा तकनीकों का पूरा लाभ लेना चाहिए। (एचडीएम)