पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा को लेकर पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग के पांच जिलों में नए स्थान चिन्हित

हिमाचल प्रदेश सरकार ने साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग के लिए अतिरिक्त स्थान अधिसूचित कर दिए हैं। पर्यटक अब कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, चंबा और शिमला में नए स्थानों पर जाकर पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे। नई राहें नई मंजिलें योजना में साहसिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह कवायद शुरू की गई है।

पर्यटन विभाग के निदेशक यूनुस ने बताया कि कुल्लू के पंधारा से गाड़सा और खड़गान से नंगाबाग, कांगड़ा में तंग नरवाना से खिरकू, चंबा में दरोटा से लहारा (खजियार) और लहारा से दरोलस रेना से नैनीखड्ड जरैई स्थान अधिसूचित किए गए हैं। मंडी में पैराग्लाइडिंग के लिए अधिसूचित किए गए स्थानों में पराशर और स्पेनीधार और  शिमला में टिक्कर, जुन्गा से चैरी जुन्गा शामिल हैं।  जलक्रीड़ा को प्रोत्साहित करने के लिए ब्यास नदी में नादौन से देहरा पुल को रिवर राफ्टिंग के लिए अधिसूचित किया गया है।

पैराग्लाइडिंग पायलट और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्यटन विभाग ने अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मनाली के समन्वय से पैराग्लाइडिंग पायलटों को प्रशिक्षण देने की पहल की है। उन्होंने कहा कि नए अधिसूचित स्थानों के अलावा प्रदेश में साहसिक खेल प्रेमियों के लिए कई अन्य स्थान भी चिन्हित किए गए हैं, जहां वे पैराग्लाइडिंग कर सकते हैं। इन स्थानों में कांगड़ा में बीड़ बिलिंग और धर्मशाला के निकट चोहला इंद्रू नाग, सोलन में मौजा रिहाद से करगाण, सिरमौर में सेर जगास शामिल हैं। रिवर राफ्टिंग के लिए कुल्लू में शमशी से जीहरी और बबेली से पारदी, शिमला में लूहरी से तत्तापानी, लाहौल-स्पीति में दारचा से जिस्पा और काजा पुल से ताबो शामिल हैं।