पंचायत चुनाव हिमाचल: आज शाम से थम जाएगा प्रचार, प्रत्याशियों ने झोंकी पूरी ताकत

हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर शुक्रवार शाम चार बजे से प्रचार का शोर थम जाएगा। प्रत्याशियों ने वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। मतदान 17, 19 और 21 जनवरी को तीन चरणों में सुबह 8 से शाम 4 बजे तक होगा। इसके बाद एक घंटे तक कोरोना संक्रमितों और होम क्वारंटीन वोटरों को मतदान का मौका दिया जाएगा। चुनाव आयोग ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके दायरे में ही मतदान होगा। मतदान के बाद वोटों की गिनती होगी और उसी दिन नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।

उधर, चुनाव के तीनों चरणों 17, 19 और 21 जनवरी को मौसम साफ रहने के आसार हैं। मैदानी जिलों में बीते कई दिनों से सुबह के समय छा रहा घना कोहरा वीरवार को छट गया। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में वीरवार को धूप खिली। राजधानी शिमला में हालांकि धूप खिलने से साथ हल्के बादल भी छाए रहे। पूरे प्रदेश में 21 जनवरी तक अब मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है।
3,464 पंचायतों में हो रहे चुनाव, 21,384 वार्ड सदस्यों का होगा चुनाव
पंचायत समिति में 1,792 और जिला परिषद में भी चुने जाएंगे 249 सदस्य
चुनाव ड्यूटी में तैनात हैं आठ हजार पोलिंग पार्टियां और सुरक्षा कर्मी

राज्य में कुल 2830 मतदान केंद्र संवेदनशील घोषित
चुनाव आयोग ने हिमाचल में 972 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र घोषित किए हैं। राज्य में कुल 2830 मतदान केंद्र संवेदनशील हैं। प्रदेश भर में कुल 21198 मतदान केंद्र हैं। इनमें से 7744 सामान्य मतदान केंद्र हैं। चुनाव आयोग ने ऐसे मतदान केंद्रों की सूची भी जारी कर दी है।
जिला         संवेदनशील       अतिसंवेदनशील         साधारण         कुल मतदान केंद्र
बिलासपुर    116                47                       381             1141
चंबा            147                45                       779             1771
हमीरपुर       294              117                    1025              1436
कांगड़ा        345               196                    1350              4785
किन्नौर          27                29                       333               389
कुल्लू           52                9                         810               1387
स्पीति           8                 2                          28                 38
मंडी           519              106                      2646              3271
शिमला       476              153                      1673              2302
सोलन        283              157                      1082              1522
सिरमौर      510              77                        1014               1601
ऊना            53              34                         158                1555
पंचायत समिति, जिप के गठन को कांग्रेस लगाएगी पर्यवेक्षक
पंचायतीराज संस्थाओं के 17, 19 और 21 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस नेताओं से कमर कसने को कहा गया है। पार्टी प्रदेश में अधिक से अधिक पंचायत समिति और जिला परिषदों पर सत्तासीन होने के लिए कसरत में जुट गई है। प्रदेश में पंचायत समिति के 1792 और जिला परिषद के लिए 249 सदस्यों के पदों के लिए तीन चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस चुनाव के बाद पंचायत समिति और जिला परिषदों में कांग्रेस की पकड़ मजबूत बनाने के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती की तैयारी में जुटी है। चुनाव से पहले कांग्रेस के जिला प्रभारी और जिलाध्यक्ष अपने क्षेत्र में कांग्रेस विचारधारा के प्रत्याशियों से तालमेल बनाकर रखेंगे।

चुनाव में कांग्रेस के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कई क्षेत्र में एक पद पर पार्टी के दो-दो प्रत्याशी चुनावी दंगल में डटे हैं। पार्टी ने इन प्रत्याशियों के बीच सहमति बनाने का काफी प्रयास भी किया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। बताते हैं कि ऐसी स्थिति में पार्टी के प्रत्याशियों की जीत की संभावना काफी धुंधली बनी है। अगर कांग्रेस के सदस्य जीते भी तो जीत का अंतर काफी कम रहेगा।  प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर कहते हैं कि पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में पार्टी ने पंचायत समिति और जिला परिषद पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है। कुछ एक जिलों में कुछ पदों पर पार्टी के दो- दो प्रत्याशी खड़े हैं। अधिकांश में सहमति के साथ, प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। पंस और जिप के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती की जा रही है।