नोहराधार:  भूस्खलन आने से पशुशाला क्षतिग्रस्त, छह मवेशी जिंदा दफन

नोहराधार:  मूसलाधार बारिश ने गिरिपार क्षेत्र में कहर बरपा दिया है। हरिपुरधार के बयोंग में कठिराम के पशुशाला के ऊपर पीछे से भूस्खलन आने से पशुशाला क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके चलते गोशाला में बंधे दो बकरे, दो गाय व दो बछडिय़ां मर गईं। यही नहीं, मलबा आने से पेयजल योजना भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे अब पूरा गांव प्यासा है।

बता दें कि कठिराम की पशुशाला घर से थोड़ी दूर थी। जब यह लोग सुबह अपने पशुओं को चारा देने के लिए पहुंचे, तो देखा कि पशुशाला मलबे में दफन हो गई है। इसके बाद बाकी ग्रामीणों को सूचित किया, जिन्होंने मशक्कत के बाद मरे हुए पशुओं को मलबे से निकाला। अब पीडि़त परिवार ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

उधर, ऊना के कुटलैहड़ में बारिश से बल्ह खोली गांव के रोशन लाल की पशुशाला का भी एक हिस्सा ढह गया है, वहीं सकौन वार्ड में भू स्खलन से भजन सिंह के घर को खतरा पैदा हो गया। इसके अलावा वार्ड नं 2 में मुख्यमंत्री आवास योजना के तरह बन रहे मकान के साथ लगती पहाड़ी भी दरकना शुरू हो गई है। बल्ह पंचायत के प्रधान ऊषा देवी और उपप्रधान गोरख राम ने लोगों से अपील की है कि बारिश में नदी-नालों की तरफ न जाएं