नेशनल कांफ्रेंस को बड़ा झटका, देवेंद्र सिंह राणा और सुरजीत सिंह सलाथिया ने पार्टी से दिया इस्तीफा

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा झटका लगा है। जम्मू संभाग में पार्टी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है। राणा नेशनल कांफ्रेंस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। इसके साथ ही पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है।

नेकां ने संभागीय अध्यक्षों के चुनाव के संबंध में अधिसूचना जारी की
इमरान नबी डार, प्रवक्ता नेकां, ने बताया कि पार्टी मुखिया फारूक अब्दुल्ला ने सलाथिया और राणा के इस्तीफे प्राप्त और स्वीकार कर लिए हैं। उधर, पार्टी महासचिव हाजी अली मोहम्मद सागर ने 16 अक्टूबर को होने वाले जम्मू और कश्मीर के लिए प्रांतीय अध्यक्षों के चुनाव के संबंध में अधिसूचना जारी की है। वरिष्ठ नेता चौधरी मोहम्मद रमजान, अली मोहम्मद डार को कश्मीर संभाग और शेख मुस्तफा कमाल, अनिल धर को जम्मू संभाग के लिए चुनाव अधिकारी नामित किया गया है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से राणा के बदले स्वर सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए थे। संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ला व उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला से मुलाकात भी की थी। लगभग दो घंटे चली बैठक में विभिन्न मुद्दों के साथ पार्टी छोड़ने की अटकलों पर बातचीत भी हुई थी। जिसके बाद राणा ने कहा कि अब जम्मू के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जम्मू के लोग विकास, रोजगार व सुशासन में बिना किसी क्षेत्र को दबाए हुए समान अधिकार चाहते हैं और इसके लिए दबना भी नहीं चाहते हैं।

जम्मू के हितों को लगातार कमजोर करने की कोशिशें की रही हैं। लेकिन जाति-धर्म का भेदभाव किए बगैर लोगों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने संकल्प को मजबूत किया है। जम्मू के हितों से समझौता करने का कोई प्रश्न नहीं है चाहे इसके परिणाम जो भी हों। जम्मू को किनारे करने का मतलब उन स्वाभिमानी लोगों का अपमान करना है जो वर्षों से हमेशा साथ खड़े रहे हैं। हम विविधता में एकता व जम्मू-कश्मीर की एक पहचान के राजनीतिक दर्शन के वाहक हैं। इस भावना में कोई भी खलल नहीं डाल सकता है।