निजी स्कूलों ने ट्यूशन फीस से अधिक पैसे वसूले तो होगी कड़ी कार्रवाई

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने फिर दोहराया है कि निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे। इससे अधिक फीस लेने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वीरवार को राज्य सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के बीच सरकार ने निजी स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस लेने को कहा था। कुछ स्कूल हाईकोर्ट गए थे। कोर्ट ने इसको लेकर गाइडलाइन दी थी।

इसका कुछ स्कूलों ने दुरुपयोग किया। अब हमने उपायुक्तों की अध्यक्षता में कमेटियां बनाई हैं। उन्होंने कहा कि करीब पांच लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। इनके प्रति हम चिंतित हैं। ट्यूशन फीस से अधिक फीस लेने का किसी स्कूल को अधिकार नहीं दिया जाएगा। अब सख्ती की जाएगी। निजी स्कूलों को मनमानी नहीं करने देंगे। उन्होंने कहा कि फीस मामले का स्थायी हल भी सरकार निकाल रही है। इसके लिए अगले साल बजट सत्र में 1997 के एक्ट में बदलाव किया जाएगा।

शिफ्ट में होंगी बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं 15 मार्च, 2021 के बाद होंगी। स्कूलों में विद्यार्थियों की भीड़ न हो, इसके लिए सुबह और शाम की शिफ्ट में परीक्षाएं ली जाएंगी। 12 फरवरी तक स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। आने वाले महीनों में स्थिति को देखते हुए परीक्षाओं का फैसला लिया जाएगा।

फर्जी डिग्री मामले की गहनता से हो रही जांच
शिक्षा मंत्री ने कहा कि फर्जी डिग्री मामले की गहनता से जांच जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मानव भारती विवि और एपीजी शिमला के खिलाफ जांच जारी है। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। वहीं शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं होने और यूजीसी के नियमों की अनदेखी कर नियुक्त निजी विवि कुलपति इस्तीफे दे चुके हैं। कई की छुट्टी हो गई है।
ग्लोबल इन्वेस्टर मीट तीन साल की सबसे बड़ी उपलब्धि: गोविंद
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर मीट जयराम सरकार की तीन साल की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वीरवार को प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 तक प्रदेश की जनता कई प्रकार के माफियाओं के चंगुल में फंसी हुई थी। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश की बागडोर युवा नेतृत्व के हाथों सौंपने का फैसला लेकर प्रदेश की राजनीति को नई पीढ़ी के हवाले किया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी पहली ही मंत्रिमंडल की बैठक में वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया था। हिमाचल प्रदेश पूरे देश में धुआं रहित राज्य के रूप में उभर कर सामने आया है। सरकार ने फैसला लिया है कि रसोई गैस सिलिंडर से कोई भी परिवार वंचित नहीं रहेगा। हर पात्र परिवार को निशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किया जाएगा। हिम केयर योजना और सहारा योजना से लोगों को बहुत बड़ी राहत मिली है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बीते तीन वर्षों में सरकार ने शिक्षकों के हजारों पद भरे हैं। 27 दिसंबर को प्रदेश सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर कार्यक्रम होटल पीटरहाफ में होगा।