निजी कॉलेज प्रिंसिपलों के खिलाफ अगले सप्ताह से शुरू होगी जांच

हिमाचल प्रदेश के सभी निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया की अगले सप्ताह से जांच शुरू होगी। राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने जांच के लिए कमेटी का गठन किया है। सभी तकनीकी, डिग्री, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रिंसिपलों के दस्तावेज जांचे जाएंगे। उधर, जनवरी 2020 के पहले सप्ताह से निजी कॉलेजों के शिक्षकों पर शिकंजा कसेगा।

शिक्षकों का रिकॉर्ड भी आयोग ने तलब किया है। प्रदेश के दस निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच पूरी होने के बाद अब निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया जांचने का काम शुरू हो गया है। निजी प्रदेश में शिक्षण संस्थान नियामक आयोग का गठन होने के बाद पहली बार कुलपतियों, प्रिंसिपलों और शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की जा रही है।

बीते दस वर्षों के दौरान खुले निजी शिक्षण संस्थानों से कभी भी पड़ताल नहीं हुई है। आयोग की इस कार्रवाई से कई निजी संस्थानों में हड़कंप है। आयोग ने बीते माह सभी निजी कॉलेजों को पत्र जारी कर प्रिंसिपलों से संबंधित रिकॉर्ड आयोग के समक्ष रखने को कहा था। आयोग के पास रिकॉर्ड पहुंच गया है।
इसकी जांच के लिए आयोग ने कमेटी का गठन भी कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि निजी शिक्षण संस्थानों में गुणात्मक शिक्षा मिले, इसके लिए प्रिंसिपलों और शिक्षकों का योग्य होना जरूरी है। इसके चलते ही आयोग ने प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया और उनकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है।