नासा: इसरो से हमें मिलती है प्रेरणा

नासा ने की इसरो के चंद्रयान -2 मिशन की सराहना, कहा, आपसे हमें भी मिलती है प्रेरणा, भविष्य में सौर मंडल के अन्वेषण में मिलकर कार्य करने की जताई मंशा।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने इसरो के चंद्रयान-2 मिशन की सराहना की है। नासा की ओर से किये गये ट्वीट में कहा गया है कि, ‘अंतरिक्ष कठिन है। हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ISRO के चंद्रयान-2 मिशन को उतारने के प्रयास की सराहना करते हैं। आपने हमें अपनी यात्रा से प्रेरित किया है और भविष्य में हम सौरमंडल के अन्वेषण में मिलकर कार्य करने को तत्पर हैं।’

उधर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख के. सिवन ने रविवार को कहा कि चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ के चंद्रमा की सतह पर होने का पता चला है। हार्ड लैंडिंग’ की वजह से उसे नुकसान पहुंचने के सवाल पर सिवन ने कहा, ‘‘ हमें इस बारे में अभी कुछ नहीं पता। उन्होंने कहा कि ‘विक्रम’ मॉड्यूल से संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। गौरलतब है कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ का अभियान शनिवार को अपनी तय योजना के मुताबिक पूरा नहीं हो पाया था।

लैंडर को शुक्रवार देर रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया। इसरो के अधिकारियों के मुताबिक चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर पूरी तरह सुरक्षित और सही है।