नहीं रहे विधायक और पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा, सीएम जयराम बोले, परम मित्र खोया

जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक और सरकार में मुख्य सचेतक  नरेंद्र बरागटा का पीजीआई में शनिवार तड़के निधन हो गया। वह करीब एक महीने से वहां पर भर्ती थे। पहले कोरोना से जूझे बरागटा नेगेटिव हो गए थे, जिसके बाद उनको पीजीआई में भर्ती किया गया था। सुबह चार बजे के करीब उनकी दुखद मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शुक्रवार को ही चंडीगढ़ में उनसे मिलने पहुंचे थे, परंतु शनिवार सुबह उनके निधन की सूचना मिल गई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्व बागबानी मंत्री नरेंद्र बरागटा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। वह 69 वर्ष के थे। जयराम ठाकुर ने पहले चंडीगढ़ के हिमाचल भवन में उनके पार्थिक शरीर को श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद उनकी देह को शिमला लाया गया, जहां भाजपा कार्यालय में भी उनको श्रद्धांजलि दी गई। यहां बड़ी संख्या में भाजपा के नेता व कार्यकर्ता पहुंचे थे, जिनमें शोक की लहर थी। सीएम ने कहा कि प्रदेश के लोग विशेषकर जिला शिमला के लोग नरेंद्र बरागटा द्वारा बागबानी व तकनीकी शिक्षा इत्यादि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किए गए योगदान को सदैव याद रखेंगे।

नरेंद्र बरागटा ने सदैव जुब्बल-कोटखाई के लोगों तथा बागबानों के हितों का ध्यान रखा और क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र बरागटा के रूप में उन्होंने अपने परम मित्र को खोया है, जिन्होंने अपने अनुभव से पार्टी को मजबूत किया। नरेंद्र बरागटा ने सदैव लोगों की मांगों तथा उनके कल्याण के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र बरागटा का निधन अपूर्णीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार के सदस्यों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान प्रदेश मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने भी नरेंद्र बरागटा के निधन पर शोक व्यक्त किया। चंडीगढ़ में भाजपा के राज्य अध्यक्ष सुरेश कश्यप, भाजपा के हिमाचल प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह-प्रभारी संजय टंडन, भाजपा के संगठन सचिव पवन राणा, विधायक डा. राजीव बिंदल और परमजीत सिंह पम्मी, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैणी, पूर्व सांसद कृपाल परमार और अन्य भाजपा नेताओं ने भी नरेंद्र बरागटा की पार्थिव देह पर माल्यार्पण किया।