नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों को भी मिलेगा शिक्षक बनने का मौका

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नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों को भी शिक्षक बनने का मौका मिलने जा रहा है। प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में इन शिक्षकों को नियुक्ति देने के लिए भर्ती और पदोन्नति नियम बनाने का काम शुरू हो गया है। डीएलएड और अर्ली चाइल्डहुड केयर कोर्स करने वालों को भी नये आरएंडपी नियमों में शामिल किया जाएगा। हिमाचल के 3840 स्कूलों में अभी नर्सरी और केजी की प्री प्राइमरी कक्षाएं चल रही हैं।

कोरोना संकट के बीच 28 हजार बच्चों के ऑनलाइन दाखिले इन कक्षाओं में हुए हैं। वर्तमान के जेबीटी को ही इन कक्षाओं को पढ़ाने का जिम्मा सौंपा गया है। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति में केंद्र सरकार ने प्री प्राइमरी कक्षाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने नर्सरी और केजी कक्षा के बच्चों को पढ़ाने और सीखाने के लिए विशेष शिक्षकों की भर्ती करने का फैसला लिया है।
शिक्षा निदेशालय को प्री प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षकों की भर्ती करने के लिए नए भर्ती एवं पदोन्नति नियम बनाने को कहा गया है। शिक्षा विभाग की यह मुहिम अगर सिरे चढ़ जाती है तो बीते कई वर्षों से नौकरी की तलाश में बैठे नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बीते दो वर्षों से ट्रेनिंग कर चुकी कई महिलाएं मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों से उन्हें नौकरी देने की मांग करती आई हैं।
अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के चलते इन्हें नौकरी मिलने की राह आसान होती दिख रही है। इसके अलावा चाइल्डहुड केयर कोर्स करने वालों को भी नए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में शामिल किया जा रहा है। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने बताया है कि विभागीय अधिकारियों को प्री प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नए आरएंडपी नियम बनाने को कह दिया है।