नरेन्द्र बरागटा ने किया बेटियों को सम्मानित

सोलन: राज्य समन्वयक जनमंच एवं चीफ विह्प नरेन्द्र बरागटा ने कहा कि एक सुशिक्षित कन्या ही दो परिवारों के साथ-साथ समाज एवं राष्ट्र को सही दिशा दिखा सकती है तथा लड़कियों को सदैव बेहतर शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जाना चाहिए। नरेन्द्र बरागटा आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत केाठों की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में आयोजित जन मंच कार्यक्रम में महत्वाकांक्षी बेटी है अनमोल योजना तथा बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ योजना के तहत लड़कियों एवं नवजात बच्चियों को सम्मानित करने के उपरान्त उपस्थित जनसूह को सम्बोधित कर रहे थ
उन्होंने इस अवसर पर सभी को ‘सही पोषण-देश रोशन’ की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि सितम्बर माह को देश भर में पोषण माह के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य जन-जन को पौष्टिक खान-पान के विषय में जानकारी देना है ताकि महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, किशोरियों तथा बच्चों को उचित आहार प्रदान किया जा सके।

नरेन्द्र बरागटा ने ‘एक बूटा बेटी के नाम’ योजना के तहत बहेड़ा का पौधा भी रोपा।
नरेन्द्र बरागटा ने बेटी जन्मोत्सव के तहत गांव कोठों की सानवी, डमरोग की काकी तथा निमिता, कलोड पाजो की आरूही, खांदड़ की गारवी एवं काउगड़ी की गीतांशी एवं विहाना को प्रदेश सरकार की ओर बधाई संदेश एवं उपहार देकर सम्मानित किया। इन सभी नवजात बच्चियों को समाज में कन्या के प्रति सकारात्मक जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से सम्मानित किया गया।

उन्होंने बेटी है अनमोल योजना के तहत मझगांव की यामिका को 10 हजार रुपये की एफडी भी भेंट की। उन्होंने शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी 19 लड़कियों को सम्मानित किया।
उन्होंने इस अवसर पर हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के 09 लाभार्थियों को गैस कुनेक्श्न भी प्रदान किए।
नरेन्द्र बरागटा ने कहा कि वर्तमान समय में लड़कियां सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और प्रदेश सरकार का यह प्रयास है कि हिमाचल में न केवल लिंगानुपात बराबर हो अपितु महिला सशक्तिकरण की दिशा में सर्वश्रेष्ठ योजनाएं कार्यान्वित की जाएं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को जीवन में उतारें तथा बेटियों को बोझ न समझें।

जनमंच में कन्या शिशुओं का अन्न प्राशन्न संस्कार भी करवाया
नरेन्द्र बरागटा ने इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई की प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों में दिए जा रहे पोषाहार एवं अन्य प्रदर्शित वस्तुओं में गहरी रूचि दिखाई।