धर्मशाला: उपचुनाव का शंखनाद, इन मंत्रियों को मिली बड़ी जिम्मेदार

धर्मशाला: प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा के धर्मशाला विधानसभा उपचुनाव को लेकर दो दिनों तक संगठन व सरकार के बीच गहन चर्चा हुई। उपचुनाव में जीत शानदार हो इसी चिंतन मंथन के साथ धर्मशाला विधानसभा को चार जोन में बांट कर यहां से भाजपा के प्रत्याशी की जीत को 20 हजार का लक्ष्य पार करवाने के लिए मंत्रियों को भी जिम्मेवरियां सौंपी गई।

उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी, विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज व योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश ध्वाला के कंधों पर अब जीत का दारोमदार भी रहेगा। 88 बूथों वाली धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र बनाए गए चार बूथों के यह वरिष्ठ नेता चुनाव प्रभारी होंगे तो उनके नीचे सब कमेटियों में वर्तमान व पूर्व विधायकों सहित राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी मौजूद रह कर जीत का आंकड़ा बढ़ाने के लिए काम करेंगे।

भाजपा ने दो दिवसीय इस चर्चा में उपचुनाव के लिए यह जिम्मेवारियां तय कर संगठन व सरकार द्वारा जातिय समीकरणों को अपने पक्ष में करने का कवायद छेड़ी है। भाजपा के लिए चाहे वह पच्छाद या फिर धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव हो, इनमें जीत हासिल करना एक प्रतिष्ठा का भी सवाल है। प्रदेश भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने को हैं, लेकिन सरकार के इस कार्यकाल में अभी तक ऐसा कुछ नकारात्मक नहीं है जिससे उसे कोई नुकसान उठाना पड़े।

लेकिन जीत का सेहरा उसी के सिर पर हो इसलिए अब वह इस उपचुनाव के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरेगी, जिसका खाका भी संगठन व सरकार ने खींचा। मंत्रियों, विधायकों व संगठन के पदाधिकारियों को जिम्मेवारियां सौंप कर जहां भाजपा ने अपनी चुनावी कदमताल शुरू की तो वहीं लाभार्थी सम्मेलन में माध्यम से भी उपचुनाव के लिए शंखनाद भी सरकार ने जोरावर स्टेडियम से कर दिया।, तो उनके नीचे सब कमेटियों में
भाजपा ने दो दिवसीय इस चर्चा में उपचुनाव के लिए यह जिम्मेवारियां तय कर संगठन व सरकार द्वारा जातिय समीकरणों को अपने पक्ष में करने का कवायद छेड़ी है। भाजपा के लिए चाहे वह पच्छाद या फिर धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव हो, इनमें जीत हासिल करना एक प्रतिष्ठा का भी सवाल है।

प्रदेश भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने को हैं, लेकिन सरकार के इस कार्यकाल में अभी तक ऐसा कुछ नकारात्मक नहीं है जिससे उसे कोई नुकसान उठाना पड़े। लेकिन जीत का सेहरा उसी के सिर पर हो इसलिए अब वह इस उपचुनाव के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरेगी, जिसका खाका भी संगठन व सरकार ने खींचा। मंत्रियों, विधायकों व संगठन के पदाधिकारियों को जिम्मेवारियां सौंप कर जहां भाजपा ने अपनी चुनावी कदमताल शुरू की तो वहीं लाभार्थी सम्मेलन में माध्यम से भी उपचुनाव के लिए शंखनाद भी सरकार ने जोरावर स्टेडियम से कर दिया।

प्रदेश भाजपा प्रभारी मंगल पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, पूर्व सांसद शांता कुमार व वर्तमान सांंसद किशन कपूर सहित अन्य मंत्रियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जहां केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई योजनाओं का व्याख्यान किया तो इन्हीं योजनाओं के सहारे धर्मशाला से अपने उपचुनाव के लिए लोगों का साथ भी मांगा। दो दिनों तक चली बैठकों के दौरान धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी के चयन को लेकर चर्चा भले ही अंदरखाते हुई हो, लेकिन हर कोई संभावित प्रत्याशी का नाम उजागर करने से बचता ही रहा।

यहां तक कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस सवाल को लेकर पासा केंद्रीय नेतृत्व के पाले में फैंके रखा। भले ही अभी तक पार्टी प्रत्याशी का नाम सामने ना हो, लेकिन उपचुनाव को लेकर भाजपा की कदमताल जोरों पर है।