देहूरीधार पंचायत समिति से महेंद्र पालसरा ने भरी चुनावी का हुंकार

सैंज: 6 पंचायत चुनावों का समय नजदीक आते ही सर्द मौसम के बीच चुनावी पारा एकाएक चढ़ने लगा है। चुनावी रण में उतरने के लिए बेताव रणबांकुरों की राह में रोड़ा बने रोस्टर के खुल जाने के बाद ही ये सता संग्राम की रणभूमि में अपनी -अपनी ताकत के साथ उतर जाएंगें। चुनाव लड़ने का मन बना चुके लोंगों द्वारा अपने – अपने अनुमान के हिसाव से रोस्टर के मुताबिक दावेदारी पेश करने का सिलसिला इन दिनों चर्म पर पर है। सोशल मिडिया पर कुछ लोग इस तरह की दावेदारियां जता कर मनोरंजन का मसाला भी परोस रहें है तथा कुछ लोंग चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुट भी गए हैं जिनमें देहूरीधार पंचायत समिति से महंेद्र सिंह पालसरा का नाम प्रमुख है। युवा समाजसेवी ने बंजार विकास खंड की देहूरीधार पंचायत समिति सदस्य के लिएं चुनावी हुंकार भर दी है। उनके अभी तक के जीवन की गतिविधियों पर एक नजर डाली जाए तों वे एक मजबूत प्रत्याशी के तौर पर सामने आ रहें है।
तंुग गांव में होल ठाकुर के वशंज महेंद्र पालसरा ने मा़त्र 38 साल की उम्र में समाज सेवा के क्षेत्र में जो कार्य किये है उससे उनकी पहचान केवल सैंज के घाटी में ही नही बल्कि जिला व प्रदेश में भी बन चुकी है। महेंद्र पालसरा कई सामाजिक कल्याण संस्थाओं से जुडे़ हुए हैं जिसके चलते वे गरीब व असाहय लोंगों की मदद में हमेशा आगे रहते है । रेड क्रास सोसाईटी के आजीवन सदसय होने के चलते इन्होंने अनेक गरीब मरीजों की सहायता कर उन्हे रोग मुक्त होने में सहायता की है । सामाजिक कल्याण कार्यों में भागीदारी की बात करें तों इन्होंने शाक्टी मरोड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं को उनके बीच पहुंचकर समाधान के प्रयास किए हैं। युवा समाजसेवी महेद्र पालसरा एक दैनिक समाचार पत्र से भी जुड़े हुए है ।
घाटी की तमाम छोटी बड़ी समस्याओं को शासन प्रशासन तक पहुंचाने तथा अहम मुदों को उठाने में वे हमेशा तत्पर रहते है। महेंद्र सिंह पालसरा का कहना है कि करोनाकाल में आयोजित होने जा रहे इस लोकतंत्र के महाकंुभ में कुदने पर हम सभी को सराकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के पालन से बढ़कर एतिहात बरतकर अपनी सुरक्षा करनी होगी। उन्होने बताया कि अभी से ही लोंगों का समर्थन उन्हें उम्मीद से बढ़कर मिल रहा है तथा लोंगों का यही प्यार व विश्वास मुझे निरंतर सेवा करने का मौका अवश्य प्रदान करेंगा।