ज्योतिष शोधार्थी गुरमीत बेदी बोले, कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा कोरोना का नया स्ट्रेन

ब्रिटेन से निकलकर दुनिया के कई देशों में पांव पसार रहा कोरोना का नया स्ट्रेन वर्ष 2021 में देश-दुनिया में कोई कहर नहीं मचा पाएगा, इसलिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। जिस शुभ योग में नए साल की शुरुआत हो रही है और नए साल में ग्रहों का जो संयोग बन रहा है, वह यह बता रहा है कि वर्ष 2021 दुनिया के लिए काफी राहत भरा रहने वाला है। ज्योतिष शोधार्थी व ‘एस्ट्रोलॉजी : एक विज्ञान’ रिसर्च पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी के अनुसार भले ही ब्रिटेन में कोविड-19 के नए स्ट्रेन मिलने के बाद दुनिया भर में हलचल मची हुई है और कोरोना वायरस ने कई जगह अपने रूप बदले हैं, लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है। वर्ष 2021 काफी शुभ रहने वाला है। गुरमीत बेदी के अनुसार एक तो वर्ष 2021 की शुरुआत बहुत ही शुभ योग में यानी पुष्य नक्षत्र में कन्या लग्न व कर्क राशि में हो रही है। दूसरा, वर्ष के पहले दिन ही शुक्रवार है, जिसे सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। तीसरा, 2021 की वर्ष प्रवेश कुंडली में लग्नेश बुध व चंद्रमा दोनों ही अच्छी एवं मजबूत स्थिति में होंगे। वर्ष प्रवेश कुंडली में लग्नेश बुध की स्थिति बहुत अच्छी है, जो यह दर्शाती है कि पूरी दुनिया में कोरोना महामारी न्यून होती चली जाएगी और करोना का नया स्ट्रेन बिलकुल भी कहर नहीं मचा पाएगा।

गुरमीत बेदी ने ग्रह नक्षत्रों के हवाले से बताया कि वर्ष 2020 की शुरुआत पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में हुई थी और धनु राशि में पांच ग्रह एक साथ थे। सूर्य और केतु पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में थे, जबकि बुध और देव गुरु बृहस्पति गंड मूल नक्षत्र में एक साथ थे। नक्षत्रों व ग्रहों की यह जो युति बनी थी, उससे वर्ष 2020 देश दुनिया के लिए सुखद साबित नहीं हुआ, बल्कि पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से प्रभावित हुई, लेकिन वर्ष 2021 ऐसा नहीं है। वर्ष प्रवेश कुंडली में मन कारक चंद्रमा का स्वराशि में होना भी बड़ा संयोग है। इससे जनमानस की मानसिक शक्ति बढ़ेगी। 2021 की वर्ष प्रवेश कुंडली में लाभ स्थान और लाभेश चंद्रमा का मजबूत होना इस बात का भी संकेत देता है कि आने वाला साल भारत सहित विश्व की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। गुरमीत बेदी के अनुसार नए साल की सबसे बड़ी बात यह भी है कि शुक्र ग्रह चार जनवरी को 5:16 पर मिनट पर देवगुरु बृहस्पति की धनु राशि में आ रहे हैं। औषधि पर भी शुक्र का आधिपत्य है। शुक्र ग्रह धनु राशि में आ रहे हैं, तो  इन दिनों अस्वस्थ चल रहे लोगों को जहां बीमारी से राहत मिलेगी, वहीं देश दुनिया को औषधि विज्ञान के क्षेत्र में बहुत बड़ी सफलता मिलने के योग बनते दिख रहे हैं। छह अप्रैल को बृहस्पति के नीच राशि मकर से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करते ही नया साल अपना पूर्ण प्रभाव देने लगेगा।

नए साल में नई उपलब्धियां हासिल करेगा भारत

भारत की कुंडली के हिसाब से भी पूरे साल बृहस्पति का संचार भारत की कुंडली के कर्म स्थान में रहेगा, जो आने वाले साल में देश में नए रोजगारों को बढ़ाएगा। वैश्विक पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। गुरमीत बेदी के अनुसार वर्ष 2021 का प्रवेश कन्या लग्न में हो रहा है और भाग्य स्थान में उच्च राशि का राहु स्थित है, इसलिए यह साल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी बहुत क्रांतिकारी साबित होगा। आईटी सेक्टर को खास तौर पर मजबूती मिलेगी। बेदी ने बताया कि वर्ष 2021 में ग्रहों के संयोग व नए साल पर बन रहे शुभ योग यह बता रहे हैं कि वर्ष 2021 की न केवल शुरुआत शानदार होगी, बल्कि यह साल कई मामलों में विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों भरा साबित होगा।