सिरमौर: नो मास्क-नो सर्विस पालिसी लागू, डीएम ने जारी किए आदेश

नाहन: हिमाचल प्रदेश सरकार की नो-मास्क नो सर्विस पॉलिसी जिला सिरमौर में आज से लागू होगी यानी जिला में किसी भी प्रकार की सेवाओं के इस्तेमाल के लिए मास्क पहनना व सामाजिक दूरी का पालन करना आवश्यक होगा। यह आदेश जिला दण्डाधिकारी  सिरमौर डॉ आर के परूथी ने जिला सिरमौर में कोविड-19 के तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए जारी किए।

आदेशानुसार जिला के अस्पतालों, स्कूलों, मन्दिरों, दुकानों, सरकारी कार्यालयों व अन्य सभी सेवाओं के इस्तेमाल के लिए सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के एसओपी का पालन करना आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त, आगामी आदेशों तक जिला में आयोजित होने वाले सभी मेलों पर प्रतिबंध रहेगा।जिला में सभी सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, आयोजनों के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। स्थानीय प्रशासन संबंधित आयोजनो पर नजर रखेगा व संबंधित आयोजन में एसओपी का पालन सुनिश्चित करेगा।

जिला सिरमौर में सभी सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, खेल गतिविधियों में एसओपी का पालन व सामाजिक दूरी का पालन करते हुए खुले स्थानों में अधिकतम 200 व बंद स्थानों में क्षमता के अनुसार 50 प्रतिशत लोगों को अनुमति होगी व किसी भी प्रकार के आयोजनों के लिए संबंधित उपमण्डलाधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक होगा। जिला में धाम, लंगर व सामुदायिक किचन के आयोजन के लिए कैटरिंग स्टाफ को आयोजन के 96 घंटे पहले रेपिड एन्टीजन व आरटीपीसीआर कोविड-19 टेस्ट करवाना आवश्यक होगा व खाना बनाते समय स्टाफ को मास्क पहनना, हाथों में गल्वस व सिर को ढकना सुनिश्चित करना होगा। इसके अतिरिक्त छोटी जगह पर लंगर के आयोजन व बिना कोविड-19 टेस्ट के खाना बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। आयोजक धाम व लंगर के आयोजन के समय व उच्चतम स्तर की व्यक्तिगत व पर्यावरण स्वच्छता सहित खाने के पश्चात कचरे के निपटान पर विशेष ध्यान देंगे।

आयोजन के लिए दी गई अनुमतियों का विवरण स्थानीय प्रशासन पंचायती राज संस्थाओं, पुलिस स्टेशन व संबंधित शहरी निकायों के साथ सांझा करेगा। इसके अतिरिक्त संबंधित क्षेत्रों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान संबंधित पंचायतीराज संस्थान, पुलिस व शहरी निकायों के अधिकारी कोविड-19 एसओपी का पालन करवाना सुनिश्चित करेंगे।
इसके अतिरिक्त जिला के सभी सार्वजनिक व कार्य स्थलों पर मास्क पहनना व सामाजिक दूरी का पालन करना आवश्यक होगा। सार्वजनिक व कार्याें स्थलों पर थूकना दंडनीय होगा। जुर्माना स्थानीय प्राधिकारी द्वारा नियमों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर आईपीसी की धारा-188 व आपादा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 से 60 के तहत कार्यवाही की जाएगी।