जियो फ़ाइबर की एंट्री से क्या भारत में ब्रॉडबैंड बेहद सस्ता हो जाएगा?

जियो ने गुरुवार को भारत में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा लॉन्च की जिससे भारत के उभरते हुए इंटरनेट और स्ट्रीमिंग उद्योग में उलट-पुलट होने की संभावना है. ‘जियो फ़ाइबर’ की सालाना योजनाओं में मुफ़्त टीवी, सेट-टॉप बॉक्स और प्रीमियम स्ट्रीमिंग सेवाएं दी गई हैं.

100 एमबीपीएस से 1जीबीपीएस तक की स्पीड के लिए टेलिकॉम दिग्गज रिलायंस 700 रुपये से 10,000 रुपये प्रति महीने का शुल्क लेगी.

इन योजनाओं से पूरे देश में एक बार फिर सस्ते इंटरनेट और मुफ़्त दी जा रही सेवाओं को लेकर प्राइस वॉर छिड़ने की संभावना है.

जियो के प्लान

सिनेमा हॉल से भी मुक़ाबला

12 अगस्त को कंपनी की वार्षिक आम बैठक में रिलायंस के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को बताया था कि जियो फ़ाइबर की कीमतें वैश्विक दरों से दस गुना कम होंगी.

उनका कहना था कि सब्स्क्राइबर्स को लैंडलाइन पर मुफ़्त आउटगोइंग कॉल से लेकर मुफ़्त एलईडी टीवी तक की योजनाओं का लाभ मिलेगा.

उन्होंने यह भी कहा था कि प्रीमियम ग्राहक अपने कमरे में बैठ कर “घर के टीवी सेट पर रिलीज़ के दिन ही फ़िल्में देख सकेंगे.” इसे जियो ने ‘फ़र्स्ट डे फ़र्स्ट शो’ का नाम दिया है.

इन ऑफ़र्स का मतलब साफ़ है कि रिलायंस सिर्फ एक सेवा से ही एकसाथ प्रतिस्पर्धी टेलिकॉम कंपनियों, स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म और यहां तक कि सिनेमा हॉल के साथ मुक़ाबला करेगी.

भारत दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ते इंटरनेट बाज़ारों में से एक है. पूरी संभावना है कि यहां वीडियो-ऑन-डिमांड का बाज़ार अभी और बड़ा होगा.

कंसल्टेंसी फ़र्म प्राइस वॉटरहाउस की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक़, भारतीय मीडिया इंडस्ट्री में विकास का लगभग 46 फ़ीसदी हिस्सा टेलिविज़न, स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म और फ़िल्म उद्योग का है.

इस साल की शुरुआत में रिलायंस जियो देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम ऑपरेटर बन गई. 30 जून को समाप्त हुई पहली तिमाही में रिलायंस जियो को 891 करोड़ रुपये का मुनाफ़ा हुआ है.