जालसाजी मामला: रक्षा मंत्रालय की जांच में कई खुलासे, कोस्ट गार्ड के बड़े अधिकारी का रिकॉर्ड मिला गायब

भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी के रिकॉर्ड से जुड़े जालसाजी मामले की जांच में नए खुलासे हुए हैं। आंतरिक जांच में पता चला है कि शीर्ष अधिकारी की 20 गुप्त रिपोर्ट के साथ छेड़छाड़ की गई है।

इस मामले की जांच तब शुरू हुई थी जब इस वरिष्ठ अधिकारी ने रक्षा मंत्रालय में शिकायत की थी कि उनके निजी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिससे उनके मेरिट अंकों में भी कमी की गई है।

सूत्रों ने बताया कि दो संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और अब तक की जांच में सामने आया है कि एडिशनल डायरेक्टर जनरल रैंक के इस अधिकारी के कई रिकॉर्ड गुम हैं। इसके चलते भविष्य में इस अधिकारी की वरिष्ठता पर असर पड़ सकता है।

20 जगहों पर हुई छेड़छाड़
रक्षा मंत्रालय की शीर्ष अधिकारियों द्वारा आंतरिक जांच के आदेश के बाद अब इन्हें धोखाधड़ी और दस्तावेजों में छेड़छाड़ लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करनी होगी। अधिकारी के दस्तावेजों में करीब 20 जगहों पर ओवरराइटिंग और व्हाइटनर का इस्तेमाल किया गया है।

सख्त कार्रवाई के दिए आदेश
मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने कहा है कि किसी को भी बचाया नहीं जाना चाहिए और जिसने में जालसाजी को अंजाम दिया है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले के सामने आने के बाद एक प्रमोशन बोर्ड को भी खत्म कर दिया गया क्योंकि मंत्रालय इस तरह के भ्रष्ट मामलों को लेकर बहुत सख्त रहा है।