जाठियादेवी में नहीं बनेगा सैटेलाइट टाउन, हजारों लोगों का टूटा सपना

हिमाचल प्रदेश के जाठियादेवी में सैटेलाइट टाउन बनाने का सपना टूट गया है। हिमाचल हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हिमुडा) अब कालोनियां बनाने के बजाय प्लाट बनाकर जमीन बेचेगा। हिमुडा के पास पैसा नहीं है, जिस वजह से हजारों लोगों के सपनों पर पानी फिर गया है।

वर्ष 2013 से अब तक हिमुडा ने लोगों को फ्लैट देने के सपने दिखाए थे। बाकायदा प्रदेश और बाहरी राज्यों के लोगों से धरोहर राशि के नाम पर 5-5 हजार रुपये लेकर आवेदन भी मांगे। लेकिन अब हिमुडा कालोनियां बनाने से मुकर गया है। हिमुडा ने स्पष्ट किया है कि जो आवेदक अपनी धरोहर राशि लेना चाहता है, वह ले सकता है। हिमुडा ने सालों तक धरोहर राशि इस्तेमाल की लेकिन अब फ्लैट देने की बारी आई तो अपने हाथ पीछे खींच लिए।

हिमुडा की योजना के मुताबिक जाठियादेवी में बस अड्डा, हेलीपैड, स्कूल और अस्पताल आदि बनाए जाने थे। इसके लिए 245 बीघा जमीन खरीदी गई थी। कालोनियां बनाने के लिए सिंगापुर की एजेंसी के साथ एमओयू भी साइन किया था। हालांकि, बाद में सिंगापुर की एजेंसी ने काम करने से मना कर दिया था। एजेंसी ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का हवाला देते हुए कहा था कि ढाई मंजिला भवन निर्माण करने से उन्हें घाटा होगा। हिमुडा के सचिव अक्षय सूद ने बताया कि कालोनियां बनाने के लिए पैसा नहीं है। अब प्लाट बेचने का फैसला लिया गया है।

हिमुडा के पास वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं
हिमुडा की माली हालत इतनी पतली हो गई है कि कालोनियां बनाना तो दूर, कर्मचारियों के वेतन के लिए भी पैसे नहीं हैं। वेतन के लिए हिमुडा ने प्रदेश सरकार से बजट देने की गुहार लगाई है। बताया जा रहा है कि हिमुडा अब घाटे वाले निगमों-बोर्डों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

एडवेंचर टूरिज्म के नियम बनाएगी सरकार
हिमाचल में एडवेंचर टूरिज्म पॉलिसी बनाई जाएगी। प्रदेश सरकार ने पर्यटन विभाग को नियम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। एक माह के भीतर इन नियमों को तैयार कर राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अलग से नियम तैयार करने का फैसला लिया है। बीते दिनों की राज्य मंत्रिमंडल ने जल क्रीड़ा और हवा में होने वाले साहसिक खेलों के लिए नियमों को मंजूरी दी है। लाहौल स्पीति, किन्नौर, शिमला और कुल्लू में एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं।