जम गई लाहुल की झीलें, सिकुडऩे लगे नदी-नाले, जिला में शून्य से लुढ़क कर जमाव बिंदु तक पहुंचा तापमान

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तापमान शून्य से नीचे लुढ़ककर जमाव बिंदु तक पहुंच गया है। ऐसे में लाहुल-स्पीति की कई झीलों का पानी जम गया है। झीलें जमकर ठोस आकार ले चुकी है। ऊंचे पहाड़ों पर बर्फ पिघलने की रफ्तार भी थम सी गई है। परिणामस्वरूप निचले इलाकों में बहने वाले नदी-नालों का जलस्तर भी घटने लगा है। लाहुल-स्पीति का तापमान इन दिनों शून्य से नीचे पहुंच गया है। दस से 18 हजार की ऊंचाई पर स्थित झीलों की सतह ठोस आकार में तबदील हो गई हंै। जिला के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में मापमान माइनस 10 डिग्री के आसपास पहुंचने लगा है। देशी-विदेशी पर्वतारोहियों की पसंद चंद्रताल और सूरजताल झीलें भी जम गई हैं। दीपक ताल झील का पानी भी जमने लगा है। इतना ही नहीं, ऊंचे इलाको में बर्फ पिघलने की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। इससे नदी-नालों का जलस्तर कम हो रहा है। आगामी दिनों में इसका सीधा असर विद्युत उत्पादन पर पडऩे की आशंका जताई जा रही है।

वहीं, निचले इलाकों में पेयजल संकट की समस्या भी गहरा सकती है। घाटी में भी तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच रहा है। मनाली-लेह मार्ग और मनाली-रोहतांग मार्ग पर जगह-जगह पानी जमने की भी पुलिस और प्रशासन ने आशंका जताई है। हाल ही में लाहुल पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर वाहन चालकों से सड़क पर सावधानी बरतते हुए सुबह-शाम सफर न करने की सलाह दी है। एसपी लाहुल-स्पीति मानव वर्मा ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि सड़क पर जगह-जगह पानी जमा हो सकता है। लिहाजा इस मार्ग पर दोपहर को सफर करने की सलाह दी गई है। उधर,रोहतांग मार्ग पर भी यही हालात है। पानी जमने से वाहनों के फिसलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। (एचडीएम)

सड़कों पर पानी जमने से फिसलन का खतरा

एसडीएम डा. सुरेंद्र ठाकुर का कहना है कि इस मार्ग पर लगभग एक दर्जन स्थानों पर सड़क में पानी जमकर ठोस हो रहा है। इस पर वाहनों के फिसलने का खतरा है। लिहाजा, इस मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया है।