जम्मू-कस्मीरः चार सैनिकों की मौत से भड़के पाकिस्तान ने जवानों को बनाया निशाना, एसआई शहीद

कीरनी सेक्टर में गोलाबारी पर सेना की जवाबी कार्रवाई में सोमवार को अपने चार सैनिकों की मौत से भड़के पाकिस्तान ने मंगलवार को बालाकोट सेक्टर में स्नाइपर शॉट से सीमा सुरक्षा बल की एक टुकड़ी पर स्नाइपर हमला कर दिया। हमले में साथी जवानों को बचाते हुए बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर पी गुट्टे शहीद हो गए। वह बीएसएफ की 59वीं वाहिनी में तैनात थे। गुट्टे मणिपुर के जिला सेनापति के गांव मापोहकूकी डाक घर लामलूंग सदर के रहने वाले थे। शहीद सब इंस्पेक्टर पी गुट्टे की पार्थिव देह को हवाई मार्ग से उनके गांव भेजा जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने सोमवार दोपहर बाद नियंत्रण रेखा पर शाहपुर, कीरनी और कसबा सेक्टर में सैन्य चौकियों के साथ रिहायशी इलाकों को निशाना बना भारी भरकर गोलाबारी की थी। जवाबी कार्रवाई में सेना ने कीरनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना के चार सैनिकों को ढेर कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी बंद हो गई थी।
बीएसएफ प्रवक्ता के अनुसार,  मंगलवार दोपहर करीब 11.45 बजे जिले के बालाकोट के तरकुंडी में सब इंस्पेक्टर पी गुट्टे के नेतृत्व में एक दल एक चौकी से दूसरी चौकी की ओर जा रहे थे। इस दौरान पाकिस्तानी सेना ने स्नाइपर शॉट से दल को निशाना बनाया। सब इस्पेक्टर ने अपने साथियों को बचाते हुए खुद शहादत दे दी।
गोली लगने से घायल हुए गुट्टे को साथी जवानों वहां से सुरक्षित जगह पर पहुंचाया लेकिन अस्पताल पहुंचाने से पहले ही वह शहीद हो चुके थे। इसके बाद पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन कर गोलाबारी भी की, जिसका बीएसएफ ने मुंहतोड़ जवाब दिया।

बीएसएफ ने भी गोलाबारी का करारा जवाब दिया है। सब इंस्पेक्टर गुट्टे की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
-एनएस जमवाल,आईजी बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर।

नवंबर में नौ शहीद, छह,नागरिकों की जान भी गई
मंगलवार को बीएसएफ ने अपने स्थापना दिवस पर जांबाज सब इंस्पेक्टर को एलओसी पर खो दिया। इससे पूर्व नवंबर माह में सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में सुरक्षा बलों के नौ जवान शहीद और छह नागरिक जान गंवा चुके हैं। 13 नवंबर को उत्तरी कश्मीर में चार सैन्य कर्मी और एक बीएसएफ अधिकारी शहीद हो गए थे। 21, 26 और 27 नवंबर को पाकिस्तानी गोलाबारी में पुंछ व राजोरी में सेना के चार जवान शहीद हुए थे। इस दौरान पाकिस्तान की कई चौकियां भी ध्वस्त कर दी गईं। इसमें पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ।

एक दशक में सबसे ज्यादा बार संघर्ष विराम उल्लंघन
बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर इस साल पाकिस्तानी की ओर से अब तक 4100 बार सीजफायर उल्लंघन हो चुका है। यह आंकड़ा पिछले एक दशक में सर्वाधिक है।