जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद दुनिया भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ी: अनुराग ठाकुर

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा हैं कि मोदी सरकार की तरफ से जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से दुनिया भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ी है। पाकिस्तान को कोई घास नहीं डाल रहा। पाकिस्तान में हड़बड़ाहट अनुच्छेद 370 के जम्मू कश्मीर में टूटने से ज्यादा भारत के लिए पैदा हुई नई संभावनाओं को लेकर है। अवैध कब्जे वाले जम्मू कश्मीर के हिस्से को खोने के डर को लेकर है।

जम्मू में महाराजा हरि सिंह पार्क के बाहर भाजपा व विभिन्न संगठनों की ओर से महाराजा के 125वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में निकाली गई रैली में मुख्य अतिथि अनुराग ठाकुर ने जम्मू कश्मीर के शेष हिस्से (पीओके)के बारे में कहा जो बाकी बचा है। वह भी कभी न कभी अपना कर लेंगे।

उन्होंने कहा अनुच्छेद 370 और 35ए की वजह से जम्मू कश्मीर में एक परिवार की तीन पीढ़ियों ने शासन किया। प्रदेश को लूटा और मौज मस्ती की। केंद्र सरकार की तरफ से मिले हजारों करोड़ रुपये के बावजूद प्रदेश में विकास नहीं किया। वहीं भाजपा की तीन पीढ़ियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर नरेंद्र मोदी तक अनुच्छेद 370 हटाने के लिए संघर्ष किया। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को हटाकर अनुच्छेद को हटाकर सारे बंधन तोड़ दिए हैं और जम्मू कश्मीर में विकास के लिए द्वार खोल दिया है।

अनुच्छेद की वजह से जम्मू कश्मीर में एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं, रिफ्यूजियों, बाल्मीकि समाज को उनका हक नहीं मिल रहा था जो अब मिलेगा। उन्होंने कोलकत्ता से 2012 में निकाली तिरंगा रैली को याद करते हुए कहा कि भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर वह तिरंगा रैली की अगुवाई कर रहे थे। कश्मीर के लाल चौक में तिरंगा झंडा लहराना था लेकिन लखनपुर में रैली को रोक लिया गया और उन्हें गिरफ्तार किया गया। राज्यसभा में उस समय विपक्ष के नेता अरुण जेटली और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज को जम्मू एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया गया था।

अनुच्छेद 370 की वजह से यह सब हुआ। अपने ही देश में तिरंगा झंडा फहराने से रोका जाता था। कश्मीर में तिरंगा फहराने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। मोदी सरकार ने एक देश एक संविधान, एक प्रधान का डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सरदार पटेल का सपना पूरा किया है। उन्होंने कहा अरुण जेटली, अनंत कुमार और सुषमा स्वराज जैसे भाजपा के बड़े नेताओं ने अनुच्छेद 370 के लिए जीवन भर संघर्ष किया। अगर वह आज हमारे बीच होते तो कुछ ओर ही बात होती।