जबरन धर्मांतरण कानून को और कड़ा बना सकती है हिमाचल सरकार: कानून मंत्री

शिमला:  हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में जबरन धर्म परिवर्तन (Religion Conversion) विरोधी कानून को जयराम सरकार और कड़ा कर सकती है. News-18 से बातचीत में कानून मंत्री (Law Minister) सुरेश भारद्वाज ने इसके संकेत दिए. हालांकि, उन्होंने कहा कि जो हाल ही में नया कानून बना है, उसमें धर्मांतरण संबंधी कड़े प्रावधान हैं और कानून की उल्लंघना पर 3 महीने से लेकर 7 साल की सजा (Jail) का प्रावधान है. लव जिहाद जैसी घटनाओं को लेकर भी इस कानून में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है. नाबालिग (Minor) और बालिग के जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर अलग-अलग प्रावधान है. इसमें फैमिली कोर्ट की व्यवस्था है. कुल मिलाकर ये सख्त कानून है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में कानून बनाने में हिमाचल देश में अग्रणी रहा है.
जरूरत महसूस हुई तो करेंगे संशोधन
कानून मंत्री ने कहा कि अब भी अगर जरूरत महसूस हुई इसे और कड़ा करना है तो सरकार इसमें संशोधन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. साथ ही कहा कि हिमाचल में 2006 में इसकी पहल की गई थी, लेकिन उस समय जो कानून लाया गया था वो काफी नरम था, जयराम सरकार ने इसे सख्त बनाया है. इस संबंध में सरकार ने विधानसभा में अगस्त 2019 में धर्म की स्वतंत्रता विधेयक लाया था,जिसे 30 अगस्त 2019 को सर्वसम्मति से पारित किया गया था.
ये है नया कानून
कानून के मुताबिक, अगर कोई भी व्यक्ति गलत तरीके से, बल प्रयोग या अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, धोखाधड़ी या जबरदस्ती से सीधे या अन्य किसी तरीके से किसी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन करेगा या करने का प्रयास करेगा तो वो संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आएगा. इसके अलावा, धर्मपरिवर्तन के उद्देश्य से किया गया विवाह भी मान्य नहीं होगा और ऐसे विवाह को चुनौती दी जा सकेगी. ऐसे मामले फैमिली कोर्ट में सुने जाते हैं. इस कानून में सामान्य श्रेणी के व्यक्ति का धर्मपरिवर्तन करते हुए पकड़ा जाता है, तो पांच साल तक की सजा का प्रावधान है. इसी तरह नाबालिग, महिला या एससी-एसटी से संबंधित लोगों का जबरन धर्मपरिवर्तन करते हुए पकड़े जाने पर अधिकतम सजा 7 साल होगी.
स्वेच्छा से धर्मपरिवर्तन पर रोक नहीं
हालांकि, स्वेच्छा से किए जाने वाले धर्मपरिवर्तन पर रोक नहीं है, लेकिन इसकी सूचना व्यक्ति को जिला मजिस्ट्रेट के पास एक महीने पहले देनी होगी और घोषणा करनी होगी कि वह बिना डर और प्रलोभन से धर्म परिवर्तन कर रहा है. हिमाचल के चंबा, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और शिमला के कुछेक दुर्गम इलाकों में धर्मपरिवर्तन की घटनाएं सामने आ रही थी. ईसाई मिशनरियों पर भी धर्मपरिवर्तन करवाने के आरोप लगते रहे हैं. इसी वजह से यह कानून लाया गया था.