छात्रवृत्ति जारी नहीं होने से अधर में लटका सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य

छात्रवृत्ति जारी नहीं होने से सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। सीबीआई जांच के चलते शिक्षा निदेशालय वर्ष 2017 से 2019 की राशि जारी नहीं कर रहा है। दिव्य ज्योति संस्थान मोहाली के विद्यार्थियों ने इस बाबत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा सचिव को पत्र भेजकर हस्तक्षेप करने की मांग की है। विद्यार्थियों का आरोप है कि एससी, एसटी, ओबीसी की छात्रवृत्ति राशि जारी नहीं होने से निजी संस्थान डिग्रियां जारी नहीं कर रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि सीबीआई जांच 2016 से पहले की हो रही है। ऐसे में हमें बेवजह परेशान विभागीय अधिकारी परेशान कर रहे हैं।

हिमाचल स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शुभम पठानिया, महासचिव हेमराज, संयुक्त सचिव अमित कुमार, चंचला देवी और लता देवी ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में सैकड़ों विद्यार्थियों ने विद्या ज्योति संस्थान मोहाली से स्नात्तक डिग्री और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले लिए। कॉलेज की फीस का भुगतान तभी किया जाना है, जब छात्रवृत्ति का भुगतान होगा। कॉलेज प्रबंधन ने सरकारी योजना के भरोसे दाखिले दिए। अब छात्रवृत्ति जारी नहीं की जा रही है। इस कारण पढ़ाई पूरी करने के बाद भी विद्यार्थियों को डिग्रियां नहीं मिल रही हैं।

विद्यार्थियों ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले की जांच 2016 से पहले की हो रही है। छात्रवृत्ति योजना के भरोसे ही निजी संस्थान में दाखिले लिए लेकिन अब डिग्रियां नहीं मिलने से भविष्य अधर में लटक गया है। उधर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि समय से आवेदन करने वाले किसी भी विद्यार्थी की छात्रवृत्ति नहीं रोकी जाएगी। निजी शिक्षण संस्थानों को किसी भी विद्यार्थी का छात्रवृत्ति नहीं मिलने के चलते डिग्रियां रोकने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ संस्थान सीबीआई की जांच में शामिल हैं। ऐसे में इनकी छात्रवृत्ति अभी रोकी गई है। कुछ संस्थानों ने समय ने आवेदन नहीं किए। कुछ संस्थानों के दस्तावेज सत्यापित होकर दिल्ली भेजे गए हैं।