चाहत में हिमाकत : अफगानिस्तान जाने के लिए किशोर बना ‘बजरंगी भाईजान’: पकड़े जाने पर कही ये बात

अफगानिस्तान के हालात ने भारत में रह रहे वहां के लोगों को परेशान कर दिया है। परिवार से मिलने के लिए लोग किसी भी तरह वहां पहुंचना चाहते हैं। जम्मू-कश्मीर के रास्ते पैदल अफगानिस्तान पहुंचने की इच्छा रखने वाले ऐसे ही एक किशोर को लखनपुर में मंगलवार को पुलिस ने पकड़ लिया। हालांकि उसके पास से अफगानिस्तान का पासपोर्ट और वीजा मिला है, जो अक्तूबर तक वैध है। पुुलिस उसके दस्तावेजों की जांच कर रही है। दूतावास से पुष्टि के बाद किशोर को दिल्ली भेज दिया जाएगा। उसके पास से कुछ अफगानी और भारतीय मुद्रा बरामद हुई है।

एसएसपी रमेश चंद्र कोतवाल ने बताया कि मंगलवार सुबह छह बजे लखनपुर चेक पोस्ट पर कोरोना जांच के दौरान पुुलिस ने दिल्ली से आए एक किशोर को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि 17 वर्षीय किशोर काबुल का रहने वाला है। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि वह अफगान सेना में कार्यरत अपने भाई के साथ बतौर अटेंडेंट जुलाई में भारत आया था। आगे की स्लाइड में पढ़िए- पकड़े गए अफगानी किशोर की फिल्मी सीन जैसी कहानी

सूत्रों के अनुसार, लखनपुर बॉर्डर पर पकड़े गए अफगानी किशोर की कहानी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है। दरअसल, अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद वह अपने परिवार को लेकर चिंतित था।

वह हवाई मार्ग से वापस लौटना चाहता था, लेकिन उड़ानें रद्द न होने पर उसने गूगल सर्च किया तो उसे जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान और फिर अफगानिस्तान जाने का रास्ता दिखाई दिया और वह सड़क मार्ग से वतन जाने के लिए निकल पड़ा।

दिल्ली से बस के जरिये किशोर लखनपुर कॉरिडोर पर पहुंचा था। यहां कोरोना जांच केंद्र पर पहचान पत्र पूछे जाने पर संदेह के आधार पर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसके पास वैध दस्तावेज हैं। पुलिस अधिकारी ने माना कि उक्त किशोर अफगानिस्तान लौटना चाहता था। लेकिन उसे यह नहीं पता था कि यहां की सरहद से पाकिस्तान या अफगानिस्तान की ओर जाने की कोई अनुमति नहीं है।