गुड़िया के दोषी को ताउम्र कैद, विशेष अदालत ने 10 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया

बहुचर्चित गुड़िया रेप एवं हत्या मामले मेें दोषी चरानी अनिल कुमार उर्फ  नीलू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और 10 हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया है। न्यायाधीश राजीव भारद्वाज की विशेष अदालत ने अपने पारित आदेशों में कहा कि दोषी को आखिरी सांस तक जेल में रहना होगा। शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी की सजा पर फैसला सुनाया।

इस मामले में 28 अप्रैल को ही अनिल कुमार उर्फ नीलू को दोषी करार दिया जा चुका था। अदालत का यह फैसला वारदात के चार साल के बाद आया है। शुक्रवार दोपहर 1ः59 बजे विशेष अदालत में दोषी को पेश किया गया था। करीब 2.03 बजे तक चली कार्रवाई में न्यायाधीश ने दोषी के सामने सजा का ऐलान किया। अभियुक्त नीलू ने दसवीं में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद जघन्य तरीके से उसे मार डाला था।

दोषी ने सीबीआई जांच पर उठाए सवाल

दोषी नीलू ने सीबीआई की जांच पर सवाल उठाए हैं। यहां अदालत परिसर में मीडिया से बात करते हुए नीलू ने कहा कि वह पूरी तरह से निर्दोष हैं और अपनी लड़ाई बड़ी अदालत में लड़ेगा। वह गुडि़या को जानता तक नहीं था, सीबीआई ने मुझे फंसाया है। यही बात नीलू के परिजनों ने भी मीडिया से कही और कहा कि उनके साथ न्याय नहीं हो रहा है।