गुमनाम पत्रों और ई-मेल ने मुख्यमंत्री कार्यालय की मुश्किलें बढ़ाई

गुमनाम पत्रों और ई-मेल ने मुख्यमंत्री कार्यालय की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इन पत्रों और ई-मेल में सरकारी अधिकारियों पर आरोप लगाए जाते हैं। यही नहीं कुछ में अच्छे सुझाव भी होते हैं और कुछ डिमांड होती हैं, लेकिन इनमें किसी का भी नाम, पता या मोबाइल नंबर न होने की वजह से इन पर कार्रवाई करने में दिक्कत हो रही है।

इसी परेशानी को दूर करने के लिए अब मुख्यमंत्री कार्यालय के आईटी सेल ने लोगों को जागरूक करने की कवायद शुरू की है। इसमें तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से अपील की जा रही है कि लोग अपनी शिकायत या सुझाव से जुड़ी ई-मेल और पत्रों में अपना नाम पता जरूर लिखें।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए शिकायतकर्ता का होना जरूरी है। ई-मेल से आने वाली शिकायतों में भी जब रिवर्ट कर संपर्क करने का प्रयास किया जाता है तो उससे जवाब नहीं आता।