कौशल विकास कार्यशाला एवं नशीली दवाओं के प्रयोग के खिलाफ़ विजेताओं को किया पुरस्कृत

कौशल विकास कार्यशाला एवं नशीली दवाओं के प्रयोग के खिलाफ़ राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए पुरस्कार वितरण समारोह। ये समारोह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीमा, रोहडू के तत्वावधान से राजधानी शिमला में संपन्न हुआ। इसमें मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ रामलाल मारकंडा के साथ डॉ अंजू शर्मा ओ. एस.डी. कॉलेज, डॉक्टर बृजेश सिंह प्रधानाचार्य सीमा कॉलेज, डॉ जितेंद्र जांगरा, मनोज शर्मा, प्रशांत कुमार रंजन, पुरिन्धर राणा, शामिल रहे। यह प्रतियोगिता ब्लॉक, जिला व राज्य स्तर पर आयोजित की गई।
इस अवसर पर स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के लगभग 950 प्रतिभागियों में से चुनकर 40 उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विजेताओं में यांकिता नेगी व शिवांगी सीमा कॉलेज, पलक चौहान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला, साधना ठाकुर, शिमला वेली नर्सिंग कॉलेज शिमला, कनिका पी जी कॉलेज बिलासपुर, वैष्णवी शर्मा राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला , रिशाली डोगरा, पालमपुर, कांगड़ा, आर्या महंतान डी ए वी जुब्बल, मुस्कान वर्मा, कुशाली, रिया, नियति, अंशिका, सेफल गयामबा, आरती शर्मा, कशिश, वंशिका, अनगा, चांशल, चारवी सामटा, कृतिका व दिव्यांशी तारा हॉल शिमला, शैरिन वर्मा, एंजेल दीपटा व अनामिका ऑकलैंड हाउस शिमला, निश्चल वर्मा उना, रायशा हिमालयन स्कूल रोहडू, ज्योतिका नेगी कल्पा किन्नौर, मोहित ठाकुर मंडी, अर्चिता, साक्षी पग्नेटा रोहड़ू, ईवा सैनी चैप्सली शिमला,अनुषा ठाकुर समोट चम्बा, ज्योतिका नेगी एस वी एम शिमला, आयुष बैरिंग उदयपुर लाहौल स्पीति मोहित ठाकुर, प्रियांशु ठाकुर और चिराग मंडी,गौरव मेहरा समोट चम्बा,जहान्वी जालठा , डी पी ऐस शिमला, अक्षिता कुल्लू, रोहित प्रेमी राजगढ़ सिरमौर व दीक्षा धीमान हि़ प्र विश्वविद्यालय शिमला, आसमी डी.पी.एस. दिल्ली, आदिति कोटवी सेंट बीडस कॉलेज शिमला, निश्चल शर्मा , उना।
इस अवसर पर डॉ बृजेश सिंह ने कहा कि सीमा महाविद्यालय स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय के बच्चों के लिए कौशल विकास मेडिसिनल प्लांट्स पर कार्यशाला एवं एक्स्पोज़र विजिटस तथा जीवन की देशांतर पर विस्तृत डॉक्यूमेंट्री बना रहा है। कॉलेज में प्रतियोगिता सेल, सीखते हुए कमाए और औषधीय पौधों की खेती के साथ छात्रों को विकासात्मक कार्यों से जोड़ा जा रहा है। इस समारोह में डॉ अंजू शर्मा, जितेंद्र जांगड़ा, मनोज शर्मा ने भी मस्तिष्क के विकास और जीवन के मार्गदर्शन हेतु बेहद सार्थक प्रस्तुति दी।
कबीना मंत्री डॉ रामलाल मारकंडा ने कहा कि इस विकट दौर में प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों के घर घर शिक्षा व विभिन्न कार्यक्रम इंटरनेट के माध्यम से पहुंचा रहे हैं। उन्होंने जापान देश की यात्रा का उदाहरण देते हुए बच्चों को समय का सदुपयोग मातृभाषा के महत्व व विकासात्मक अन्वेषण पर चर्चा की। उन्होंने केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं को समझाया। कबिना मंत्री ने सीमा महाविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों को सराहा और विजेता छात्रों के अभिभावकों से आह्वान किया कि अभिभावक बच्चों के निरीक्षण व मार्गदर्शन के लिए स्वच्छंद सकारात्मक माहौल बनाएं। प्रदेश मे युवाओं के कौशल विकास व वोकेशनल एडुकेशन के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट है और बौद्धिक सृजन हेतु हम मिलकर इस पहल को आगे लेकर जाएंगे। बच्चों को सम्मानित करते हुए मंत्री जी बोले कि यह बच्चे कल देश के अध्यापक, नेता, अभिनेता, कृषक, डॉक्टर, और इंजीनियर बनेंगे और भारत को अवश्य ही विश्वगुरु बनाएंगे।
विभिन्न चरणों मे 6 महीने से जारी इस प्रतियोगिता में जिन प्रेरक व्यक्तियों ने बच्चों का मार्गदर्शन किया उनमें प्रमुखता से डॉक्टर जगदीश, डॉ अपर्णा, डॉक्टर जगत सिंह, प्रियंका, डॉ अंजू शर्मा, डॉ मनोज शर्मा, डॉ जितेंद्र जांगरा, प्रो. अश्वनी, डॉ. अरुण चंदन, कुशाल शर्मा, प्रोफेसर सुनील बक्शी, प्रोफेसर बि एस पीरटा, प्रशांत कुमार रंजन, पुरिंदर राणा, दिनेश, जोगी जयपाल, पल्लवी ठाकुर, रुचि शर्मा, कोकिला चौहान, शिवानी शौंगी, कृतिका शर्मा, सुनिधि शर्मा, विनय शर्मा, व डॉक्टर बृजेश सिंह, ने भाग लिया|