कोरोना काल: चार साल से नहीं मिला कोई काम, घर की पूंजी बेचने को मजबूर हुईं अभिनेत्री शगुफ्ता अली

कोरोना जैसी महामारी ने हर किसी के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। बढ़ती महामारी को देखते हुए सरकार को पूरे देश में बीते साल 22 मार्च को लॉकडाउन करने का निर्णय लेना पड़ा। इस बीच सभी क्षेत्र में काम बंद पड़ गए। इसका गहरा असर टेलीविजन और बॉलीवुड जगत में भी देखने को मिला। जहां कोरोना के चलते शूटिंग रोक दी गईं। हालांकि बाद में धीरे-धीरे शूटिंग शुरू भी हुईं, लेकिन सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेट पर सिर्फ मुख्य कलाकारों और कुछ ही क्रू को शूटिंग करने की अनुमति मिली। कोरोना में कई टेलीविजन सितारे भी बेरोजगार हो गए और अपना घर चलाने के लिए उन्हें अपनी जमा-पूंजी बेचनी पड़ी। कई फिल्मों और टेलीविजन शोज का हिस्सा रही शगुफ्ता अली का हाल भी कोरोना में खराब हो गया है।

लॉकडाउन में हुई हालत खराब

36 सालों से फिल्म और टेलीविजन जगत में सक्रिय रहीं शगुफ्ता ने कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया। उन्होंने 20 से अधिक टेलीविजन शोज किए, जिसमें बेपनाह और एक वीर की अरदास वीरा जैसे शो शामिल हैं। कई सीरियल और फिल्में करने वालीं अभिनेत्री शगुफ्ता अली के पास काम नहीं हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना में लॉकडाउन लगने की वजह से उन्हें कोई काम नहीं मिल रहा।

पिछले चार साल से नहीं मिला कोई काम

एक मीडिया चैनल से बातचीत में शगुफ्ता अली ने अपने दर्द को बयां किया। उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, ‘मैंने अपने जीवन में शुरुआत से ही काफी कष्ट झेला है और आज मैं कई बीमारियों से लड़कर खड़ी हूं। आज मैं 54 वर्ष की हूं और मेरी तबियत बिगड़ती जा रही है। शुगर की वजह से मेरे पैरों पर बहुत बुरा असर पड़ा है। मानसिक तनाव की वजह से मेरा शुगर लेवल बढ़ गया है। अब मेरी आंखो पर असर पड़ रहा है और मुझे इसका इलाज भी करवाना है।’ उन्होंने आगे कहा ‘पिछले चार साल से मुझे कोई काम नहीं मिला है और मेरी आर्थिक स्तिथि और अधिक खराब हो गई है।’ शगुफ्ता अली ने बताया कि उनके पास कई ऑफर आए जो हाथ लगते-लगते रह गए। उन्होंने एक फिल्म की लेकिन वो भी पूरी नहीं हुई।उनकी आर्थिक स्तिथि काफी खराब हो गई है और उनके पास अपना इलाज करवाने तक के पैसे नहीं हैं।

कैंसर जैसी बीमारी का किया सामना

ये बात बहुत ही कम लोग जानते हैं कि शगुफ्ता अली ने कैंसर जैसी बीमारी से जंग जीती हैं। मीडिया चैनल से बातचीत में शगुफ्ता अली ने बताया कि उन्हें तीसरी स्टेज का कैंसर था। उन्होने कहा, ‘मैं पिछले 20 साल से बीमार हूं। उस वक्त मैं युवा थी तो बीमारी झेल लेती थी। मैंने तीसरे चरण के कैंसर से जंग जीती है। मैंने अपने खास दोस्तों के अलावा इस बारे में किसी को भी नहीं बताया था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे स्तन कैंसर था और वो तीसरे चरण पर था।  मुझे लंप को हटाने के लिए मेजर सर्जरी का सामना करना पड़ा मैंने कीमोथैरेपी करवाई। मेरे लिए ये एक नया जीवन था।’

काम के प्रति रहीं समर्पित

शगुफ्ता अली अपने काम के प्रति हमेशा समर्पित रही हैं। कैंसर के इलाज के 17 दिन बाद ही शगुफ्ता अपने काम पर लौट आईं थीं। उन्होंने कहा, ‘उस वक्त मेरे पास ढ़ेर सारा काम था और मुझे अपनी जिम्मेदारियों का पूरा एहसास था।’ उन्होंने बताया कि उन्हें चोट भी लग गई थी। शगुफ्ता अली ने कहा, ‘मेरा एक्सीडेंट हो गया था और मेरा पैर टूट गया था। जब मैं अपने पिता से मिलने के लिए जा रही थी तो उस दौरान मेरा एक्सीडेंट हो गया था और मेरी हड्डी दो भाग में बंट गई थी।’ उन्होने बताया कि इस हादसे के बाद उन्हें स्टील रॉड की मदद लेनी पड़ी थी जोकि आज भी उनके पास हैं। शगुफ्ता अली ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के इस सफर में कई चुनौतियां देखी, लेकिन वो उनसे कभी नहीं डरीं।

इन शोज और फिल्मों में किया काम

शगुफ्ता अली ने अपने करियर की शुरुआत सन 1989 में टेलीविजन शो ‘दर्द’ से की थी। उसी साल उन्होंने ने ‘कानून अपना-अपना’ में काम किया। बॉलीवुड में उन्होंने हीरो नंबर 1, सिर्फ तुम, अजूबा और इंटरनेशल खिलाड़ी में काम किया तो वही टेलीविजन पर उन्होंने एक वीर की अरदास वीरा, पुनर्विवाह और बेपनाह जैसे कई शोज किए। साल 2018 के बाद शगुफ्ता अली परदे पर कही नजर नहीं आईं।