कोटखाई रेप और मर्डर केस: आरोपी नीलू चरानी दोषी करार

शिमला:  हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के बहुचर्चित कोटखाई रेप और मर्डर केस (Kotkhai Rape and Murder Case) में आरोपी नीलू चरानी को दोषी करार दे दिया गया है. शिमला (Shimla) की जिला कोर्ट ने बुधवार दोपहर बाद फैसला सुनाया है. हालांकि, अभी कोर्ट ने सजा का ऐलान नहीं किया है. 11 मई को बहस के बाद सजा का ऐलान किया जाएगा.

जानकारी के अनुसार, 14 अहम दलीलों में से 12 दलीलें दोषी के खिलाफ गई. बुधवार को पूरे मामले की वुर्चुअली सुनाई हुई. आरोपी नीलू कंडा जेल से ऑनलाइन ही कोर्ट रूप से जुड़ा था. दोषी करार होने के बाद नीलू ने जज से कहा-‘‘सर, मैंने रेप नहीं किया है.” हालांकि, जज ने नीलू की दलील नहीं सुनी और कहा कि आपने, रेप और मर्डर किया है. कोर्ट ने माना कि गुड़िया के शरीर पर मिले काटने के निशान और नीलू के डेंचर का मिलान हुआ है. वहीं, घटना के दौरान नीलू की मौजूदगी भी घटनास्थल के पास पाई गई है.

जुलाई 2017 का मामला

बता दें कि शिमला जिले के कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से आने के बाद अचानक लापता हो गई थी. दो दिन बाद 6 जुलाई को उसकी लाश शव दांदी के जंगल में नग्न अवस्था में मिली थी. फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई थी. शुरूआत में शिमला पुलिस ने इसकी जांच की थी. गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज किया था और पांच आरोपी भी गिरफ्तार किए थे. एसआईटी जांच से जनता संतुष्ट नहीं थी और सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. ये पांचों आरोपी बाद में बेल पर छोड़ दिए गए थे और सीबीआई की ओर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
एक संदिग्ध आरोपी की मौत

18 जुलाई 2017 को कोटखाई थाने में एक आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद जनाक्रोश भड़का और कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए. कोटखाई थाना जला दिया गया था. केंद्र की ओर से सीबीआई जांच को लेकर स्थिती स्पष्ट नहीं हो पाई. इस बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिती बिगड़ते देख सरकार सीबीआई जांच को लेक हाई कोर्ट गई और हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के आदेश जारी किए थे. सीबीआई ने इस मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था. अब नीलू को दोषी करार दिया गया है.