कुल्लू बस हादसा: हादसे में बंजार के कई घरों के चिराग बुझे

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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले बंजार के भियोठ मोड़ पर हादसे का शिकार हुई बस लारजी के पास खराब हो गई थी। सवारियों के मना करने के बावजूद चालक ने बस को नहीं बदला। मना करने के बावजूद वह इसी बस को गाड़ागुशैणी के लिए ले गया।
इसका नतीजा यह हुआ कि बस बंजार से एक किलोमीटर दूर बियोठ मोड़ पर 500 फीट गहरी खाई में गिर गई। यह खुलासा बस हादसे में घायल वियों गांव के सोहन लाल ने किया। उन्होंने बताया कि वह ड्राइवर के साथ वाली सीट पर ही बैठे थे। उन्होंने यह भी बताया कि औट टनल पार करने के बाद बस में नए चालक को बैठाया गया था।
उन्होंने कहा कि इस दौरान नियमित चालक ड्राइवर सीट से उतर गया और नए चालक को बस चलाने के लिए दे दी। उन्होंने बताया कि बंजार के भियोठ मोड़ पर बस पहुंची तो तीखे मोड़ पर पीछे की तरफ हटने लगी। इससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख पाया और यह हादसा हो गया। खाई में गिरते ही जोरदार धमाके से बस की छत अलग हो गई।


सोहन लाल ने कहा कि वह अभी भी इस हादसे से खौफ में हैं। उन्होंने कहा कि हादसे में बंजार के कई घरों के चिराग बुझ गए तो कइयों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। घायलों के मुताबिक बस की हालत बेहद खराब थी। खस्ताहाल बस पहले भी अकसर खराब होती थी।

एक बार तो बस का स्टेयरिंग ही चालक के हाथ में आ गया था। बावजूद इसके यात्रियों की जान की परवाह न करते हुए बस को गाड़ागुशैणी के लिए भेजा गया। बलागाड़ पंचायत की पूर्व प्रधान मीनाक्षी ने कहा कि अगर बस की स्थिति ठीक होती तो शायद यह हादसा नहीं होता।


कुल्लू जिले के बंजार बस हादसे में गंभीर रूप से घायल पांच वर्षीय मासूम पवन दर्द से कहराते हुए मम्मी के पास जाने की जिद कर रहा है। हादसे के वक्त पवन अपनी मां शाढ़ी देवी की गोद में बैठा था। नौ महीने की गर्भवती शाढ़ी देवी अब इस दुनिया में नहीं है। जबकि पवन के मुंह से बार-बार मम्मा, मम्मा निकल रहा है।