कुल्लू थप्पड़ कांड : आईपीएस गौरव सिंह और हेड कॉन्स्टेबल बलवंत सिंह की सस्पेंशन खत्म

कुल्लू. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुए थप्पड़ कांड (Kullu Slap Gate) के तकरीबन महीने भर बाद आईपीएस गौरव सिंह और हेड कॉस्टेबल बलवंत सिंह को बहाल कर दिया गया है. नितिन गडकरी के कुल्लू दौरे के दौरान दोनों में थप्पड़बाजी हुई थी, तब से दोनो सस्पेंड थे.

हालांकि इसी मामले में सीएम सिक्योरिटी इंचार्ज से हटाए गए एएसपी ब्रजेश सूद की तैनाती एक हफ्ते बाद ही कर दी गई थी. वे फिर से सीएम सिक्योरिटी इंचार्ज बना दिए गए थे. सरकार के इस फैसले के बाद यह भी सवाल उठा था कि क्या एएसपी सरकार के चेहते हैं? तब सरकार के जारी आदेश में कहा गया था कि 24 जून को ब्रजेश सूद को पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया था. लेकिन अब उन्हें दोबारा सीएम सिक्योरिटी इंचार्ज की जिम्मेदारी दी गई है. उनके बाद सीएम सिक्योरिटी इंचार्ज का जिम्मा संभाल रहे एचपीपीएस पुनीत रघु को एएसपी बटालियन पंडोह लगाया गया था.

सीएम ने दिया था अहम बयान

ब्रजेश सूद की दोबारा नियुक्ति पर सीएम जय राम ठाकुर ने कहा था कि रिपोर्ट के आधार पर निर्णय किया गया है. दूसरे लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है. उन्होंने कहा था कि विजुअल्स के आधार कार्रवाई प्रस्तावित रहेगी.

 

ये था मामला

दरअसल, 24 जून को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कुल्लू दौरे पर आए थे. इस दौरान एसपी कुल्लू गौरव सिंह ने सीएम सिक्योरिटी इंचार्ज ब्रजेश सूद को थप्पड़ जड़ दिया था. इसके बाद पीएसओ बलवंत सिंह ने एसपी गौरव सिंह को लात मार दी थी. बाद में इन दोनों को सस्पेंड कर दिया गया था, जबकि ब्रजेश सूद को पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया था. दरअसल, फोरलेन प्रभावित किसान संघ के सदस्य अपनी मांगों को लेकर भुंतर एयरपोर्ट के बाहर नितिन गडकरी से मिलने पहुंचे थे. इसी बीच नितिन गडकरी ने लोगों को देखकर अपनी गाड़ी रोक दी. नितिन गडकरी का काफिला रुकते ही सिक्योरिटी में तैनात अधिकारी और एसपी कुल्लू के बीच कहासुनी हो गई. इसी बीच एसपी ने सुरक्षा अधिकारी को थप्पड़ रसीद दिया था.