कुल्लू : भगवान रघुनाथ की नगरी में मची होली की धूम, कोरोना गाइडलाइन का किया पालन

भगवान रघुनाथ की नगरी कुल्लू में लोगों ने ढाल-नगाड़ों की थाप पर छोटी होली धूमधाम से मनाई. शहर में सरवरी, लोअर ढालपुर आखाड़ा व ढालपुर बाजार में लोगों ने छोटी-छोटी टोलियां बनाकर एक-दूसरे को रंग लगाकर खूब गुलाल उड़ाया. शहर के लोगों ने अपने रिश्तेदारों व मित्रों के साथ होली की परंपरा निभाई. नगर परिषद के वार्ड नंबर 6 में लोगों का उत्साह देखते बनता था. यहां ढाल-नगाड़ों के साथ होली गीत गाकर लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर भाईचारा निभाया.

नगर परिषद कुल्लू के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने बताया कि कोरोना काल में लोगों ने भगवान रघुनाथ व अन्य देवी देवताओं के प्रांगण में होली की प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया. उन्होंने कहा कि लोगों ने मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोरोना गाइडलाइन का पालन किया. पूरे आयोजन में किसी भी जगह पर बहुत ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हुए. उन्होंने कहा कि भगवान रघुनाथ से दुआ करता हूं कि होली का उत्सव सभी लोगों के जीवन में खुशियां लेकर आए और कोरोना महामारी से लोगों को मुक्ति मिले. उन्होंने कहा कि कुल्लू जिले में छोटी होली से शुरुआत होती है. देश भर में होली का उत्सव सोमवार को है, लेकिन कुल्लू जिले में भगवान रघुनाथ की नगरी में फाग एक दिन पहले मनाई जाती है और कुल्लू में 2 दिनों तक होली उत्सव मनाया जाता है.

स्थानीय बुजुर्ग भवानी चरण भारद्वाज ने बताया कि मेरी उम्र 88 वर्ष हो गई और पिछले 8 दशक से शमशी से आकर होली उत्सव की प्राचीन परंपरा का निर्वहन कर रहा हूं और लोअर ढालपुर बाजार में अपने रिश्तेदारों व मित्रों के साथ होली मनाता आया हूं. उन्होंने कहा कि कुल्लू में छोटी और बड़ी होली होती है, जिसमें सभी लोग एक-दूसरे के साथ होली मनाते हैं. उन्होंने कहा कि हम सालभर इंतजार करते हैं कि होली कब आएगी? दरअसल यह पर्व भाईचारे को मजबूत बनाता है.