कुल्लु: सैंज में चिकत्सकों की कमी को लेकर संघर्ष समिति फिर उतरेगी सड़कों पर

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न्यूली (कुल्लू): सीएचसी सैंज में चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को लेकर एक बार फिर से सैंज संयुक्त संघर्ष समिति सड़को पर उतरने की तैयारी कर रही हैं। बीते ठीक 1 बर्ष पूर्व संघर्ष समिति अपनी इस मांग को लेकर अनेको विरोध प्रदर्शनों के अलावा 10 दिनों तक भूख हड़ताल कर चुकी है। 20 दिसम्बर 2018 को स्थानीय विधायक सुरेद्र शौरी के अश्वासन पर समिति ने भूख हड़ताल को बापिस लेकर आंदोलन को विराम दिया था।

एक चिकित्सक को डेपूटेश्न पर भेज कर विधायक द्वारा अंशन पर बैठे संघर्ष समिति के सदस्यों से वादा किया गया था कि जल्द यहां स्थाई चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी तथा नियुक्ति न होने तक डेपूटेश्न पर भेजा गया डाक्टर यहां सेवारत रहेगा। संघर्ष समिति के मिडिया काॅ आर्डीनेटर बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि सीएचसी में चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर समिति द्वारा किए आंदोदोलन को एक साल पूरा हो चुका है लेकिन विधायक का बादा अभी भी अधूरा हैं।

यहां चिकित्सकों की कमी के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा विधायक की बादाखिलाफी से घाटी के लोगों की बेकद्री के साथ साथ भावनाएं आहत हुई है। सीएचसी में स्टाॅफ को लेकर आंदोलन का एक साल पूरा होने पर समिति द्वारा उठाएं जाने बाले आगामी कदम को लेकर बुधवार को समिति के अध्यक्ष में महेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में फैसला लिया गया है कि 21 दिसम्बर को फिर से एक बड़े आंदोलन को लेकर रूपरेखा तैयार की जाएगी जिसमें घाटी के सभी पंचायत जनप्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न समाजिक संगठनों के लोगों को शामिल किया जाएगा। इस बार आर पार की लड़ाई मानकर आंदोलन होगा।

महेश शर्मा का कहना है कि सरकार लोगों को 1 साल तक गुमराह करती रही। विधायक के बायदे के मुताबिक नियमित चिकित्सक की तैनाती तो दूर लेकिन जो प्रतिनियुक्ति पर भेजा था उसे भी कुछ समय के बाद हटा दिया गया। बीते 1 साल में अनेकों मर्तवा विधायक को उनका अश्वासन याद दिलाया गया लेकिन उनकी तरफ अभी तक उस पर अमल नही किया गया है जिसके चलते समिति ने फैसला लिया है कि अब की बार जो आंदोलन होगा वोह चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद ही बंद होगा।