सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने किसान आंदोलन पर चर्चा के लिए राज्य सभा में काम रोको प्रस्ताव का नोटिस दिया

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मंगलवार को किसान आंदोलन पर चर्चा के लिए राज्य सभा में काम रोको प्रस्ताव का नोटिस दिया और संयुक्त विपक्ष के सभी सांसदों के साथ एकजुट होकर पुरजोर तरीके से किसानों की मांग पर चर्चा की मांग उठायी। इस पर माननीय सभापति ने देशहित के इस महत्वपूर्ण मसले पर कल चर्चा कराने का आश्वासन दिया। नियम 267 के तहत दी गयी नोटिस में सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने राज्य सभा के सभापति से इस अति महत्वपूर्व मुद्दे को अविलम्ब हल करने पर चर्चा का नोटिस देकर मांग करी कि संसद का काम रोककर सबसे पहले किसानों की माँगों पर चर्चा हो और उनकी माँगों को माना जाए। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ  देशभर के किसान आंदोलनरत हैं। अब तक 165 से ज्यादा किसानों की जान जा चुकी है।

 उन्होंने किसान धरनों पर बिजली.पानी की सप्लाई बंद करने के सरकारी निर्देशों की कड़ी निंदा करते हुए बहादुरगढ़ नगर पालिका चेयरपर्सन और स्थानीय कांग्रेस विधायक को अपनी ओर से ये सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये और पानी की सप्लाई, साफ.सफाई शुरु कराई। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार अन्नदाता को सम्मान देने की बजाय उसे बदनाम करने में लगी है। टिकरी बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों के लिए पानीए साफ़.सफाईए शौचालय सेवा को बीजेपी की किसान विरोधी सरकार ने रोककर शांतिपूर्ण आंदोलन में बाधा डालने का एक और ओछा प्रयास किया है। लेकिन, ये आन्दोलन जन.जन का आन्दोलन है। किसानों को कोई दिक्कत न हो और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये हम पहले की तरह आगे भी हर संभव प्रयास करते रहेंगे। देश के अन्नदाता की सेवा में पहले भी हम खड़े थे आगे भी खड़े रहेंगे।