किसान आंदोलन के चलते 40 रुपये क्विंटल बढ़ा माल भाड़ा

आंदोलन का सीधा असर माल भाड़े पर भी नजर आने लगा है। दिल्ली से शिमला तक माल ढुलाई की दरें 40  रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गई हैं। पहले दिल्ली से शिमला तक 160 रुपये प्रति क्विंटल भाड़े की दरें थीं। अब यह बढ़कर 200 रुपये प्रति क्विंटल हो गई हैं। ऐसे में इस महंगाई का असर अब आम लोगों पर पड़ने लगा है। गंज बाजार होलसेल एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश गुप्ता के मुताबिक किसान आंदोलन का असर ट्रांसपोर्ट पर पड़ा है। माल ढुलाई के दाम चालीस रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए हैं।

दाल चना और अरहर के दाम 200-300 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए हैं। दिसंबर के पहले सप्ताह में 9900 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाले अरहर के दाम अब 9600 रुपये प्रतिकिलो है। इसी तरह दाल चना 6700 से 8200 और काबुली चना 6200 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल है। सरसों का तेल भी के 149 के साथ तीन रुपये सस्ता हुआ है। विक्रेताओं के मुताबिक आने वाले दिन में दालों में दाम में और गिरावट आने की उम्मीद है। दालों की नई फसलें भी फरवरी-मार्च में निकला शुरू हो जाएंगी।

कोरोना काल में पहली बार घटे टमाटर के दाम
कोरोना महामारी के बीच पहली बार टमाटर के दाम 30 रुपये किलो हुए हैं। साथ की आलू के दाम भी दस रुपये गिरे हैं। दिसंबर माह के शुरुआती हफ्ते में आलू के रेट 50 रुपये किलो तक पहुंच गए थे। सब्जी विक्रेताओं के मुताबिक पंजाब से सब्जियों की फसल आना शुरू हो गई है। इस कारण आलू के दाम में गिरावट आई है। प्याज भी 40 रुपये प्रति किलो बिका। इसके अलावा मटर तीस रुपये, फूलगोभी बीस रुपये प्रतिकिलो बिक रही है।