किसानो को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल रहा है तो आंदोलन एक पहेली से कम नहीं :अजय राणा

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अजय राणा ने जोरदार प्रहार करते हुए कहा योगराज सिंह ने हिन्दु मां बहन बेटियों पर बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी की है। मैं उससे यह पूछता हूं की सन 1439 से पहले वह और उसके पूर्वज क्या थे? क्योकि इसी वर्ष तो बाबा नानक का जन्म हुआ था। हिन्दु व सिक्ख कोई अलग नहीं हैं । इस तरह वह अपनी ही मां बहन बेटियों को  गाली गलौच कर रहा है। ऐसी वृत्ति वाले व्यक्ति को राक्षस कहा जाता है। फिर मां बहन बेटियां तो सब की आदरणीय होती हैं। अजय राणा ने कहा योगराज सिंह किसान आंदोलन की नहीं बल्कि अपने बेटे युवराज सिंह के भारतीय क्रिकेट टीम में न होने की बजह से अपनी खीज निकाल रहा है।उस का बेटा अच्छा खिलाड़ी रहा,अब समय पूरा हो गया था तो हटना भी था। इतनी सी बात को ले यह व्यक्ति इतनी घातक निंदनीय भाषा पर उतर आया है। अब ऐसे-ऐसे व्यक्ति इस किसान
आंदोलन को चला रहे हैं तो अंदाजा लगा लीजिए यह क्या आंदोलन है?
अजय राणा ने कहा मोदी सरकार किसानों की हितैषी सरकार  है यह किसानों को समझना चाहिए।प्रतिकिसान यह सरकार 6000रूपये सालाना किसानों के खाते में डाल रही है।अभी तक 72000करोड़ डाल चुकी है।यदि यह सरकार
किसानों की विरोधी होती तो यह सब क्यों करती?
अजय राणा ने कहा सरकार ने बातचीत का महौल जारी रखा है तो ऐसे में यह आंदोलनं बंद करना चाहिये । आम आदमी की सेवाओं को बाधित करना गलत है।इस आंदोलन में योगराज जैसे विकृत मानसिकता के लोग हावी हो गये हैं।इस तरह की प्रयोग की जा रही भाषा से लगता है कि इस आंदोलन पर अराजक तत्व हावी हैं।एम एस पी से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है।फसल का न्यूनतम मूल्य जब मिल रहा है तो आंदोलन किस बात का है? यह आंदोलन एक पहेली से कम नहीं है। किसानों को यह आंदोलन बंद कर शीघ्र देश हित को तब्बजो देकर इस तरह के देश विरोधी लेबल से छुटकारा पाना चाहिये।