कश्मीर पर भारत के साथ रुस

कश्मीर पर भारत के रुख का राष्ट्रपति पुतिन ने किया जोरदार समर्थन, भारत और रूस किसी भी देश के आंतरिक मामलों में ‘बाहरी प्रभाव’ के खिलाफ, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा भारत, रूस के प्रमुख साझेदारों में से एक.

 भारत-रूस के संबंध में नया जोश दिखा जब प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया गया। रूस के सुदूर पूर्वी इलाक़े व्लादिवोस्तोक में ये किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली बार यात्रा थी। ख़ुद राष्ट्रपति ब्लादमिर पुतिन प्रधानमंत्री मोदी से मिले तो दोनों देशों के बीच रिश्तों की अहमियत साफ दिखी। पहले हाथ मिलाया और फिर एक-दूसरे को गले लगाया। प्रधानमंत्री ने उस पल को भी याद किया जब उन्होने बतौर गुजरात मुख्यमंत्री रूस की पहली यात्रा की थी। आज हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों ही देशों के बीच झलक एक भरोसेमंद मित्र और रणनीति साझेदार की भी दिखाई दी।

भारत-रूस के बीच 20वीं वार्षिक शिखर वार्ता हुई। द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा वैश्विक मुद्दों और इंडो-पैसेफिक क्षेत्र को लेकर भी हमारे बीच चर्चा हुई है। अफगानिस्तान के ज़िक्र पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि दोनों ही देश स्वतंत्र, सुरक्षित और अखंड अफगानिस्तान की कामना करते हैं। रूस और भारत ने ये स्पष्ट संदेश भी दिया कि दोनों ही देश किसी भी देश के आंतरिक मामले में किसी तीसरे देश के दख़ल के ख़िलाफ़ हैं।

20वीं भारत-रूस शिखर सम्मेलन में दोनों ही देशों के बीच कुल 15 दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें से संयुक्त घोषणापत्र, समझौता सहित समझौता ज्ञापन शामिल हैं। दोनों देशों के बीच एक संयुक्त घोषणापत्र साझेदारी और सहयोग की नई संभावनाओं को लेकर हस्ताक्षर किया गया। 15 समझौते में सबसे अहम ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने से संबंधित करार रहे. अकेले 4 समझौते ऊर्जा के क्षेत्र से जुड़े थे, जिसमें तेल और गैस के क्षेत्र में दोनों ने एक दूसरे के यहां निवेश बढ़ाने का फैसला किया है तो रूस से भारत को LNG की आपूर्ति बधाई जाएगी.

इसके अलावा व्यापार और निवेश को लेकर संयुक्त रणनीति, रूस निर्मित सैन्य हथियारों और यंत्रों के साजो-सामान के संयुक्त उत्पादन को लेकर समझौता, इसके अलावा ऑडियो-वीडियो प्रोडेक्शन, फिक्की और रोसकांग्रेस फाउंडेशन के बीच सहयोग को लेकर समझौता हुआ। वहीं भूतल व परिवहन क्षेत्र, पोत परिवहन,सीमा-उत्पाद शुल्क, इसके साथ ही व्लादिवोस्तोक से चेन्नई के बीच रूट तैयार करने भूगर्भविज्ञान, निवेश फंड, बिज़ेनेस टू बिजेनेस समझौतों ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।

शिप निर्माण और नौवहन क्षेत्र के लिए अहम ज़्वेज़्दा शिप यार्ड का दोनों ही नेताओं ने दौरा किया।  वहां  पहुंचने के लिए एक अत्याधुनिक नाव में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ब्लादमिर पुतिन सवार हुए। कई विषयों पर गुफ़्तगूं करते हुए वे पहुंचे ज़्वेज़्दा। पोत निर्माण केंद्र एक अत्याधुनिक और ये रूस का सबसे बड़ा पोत निर्माण केंद्र भी है। सामरिक महत्व और देश के घरेलू पोतनिर्माण उद्योग के लिहाज़ से प्रधानमंत्री का शिप यार्ड निर्माण केंद्र का दौरा काफी अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट के ज़रिए राष्ट्रपति ब्लादमिर पुतिन को धन्यवाद दिया। उन्होने लिखा कि ये शिपिंग क्षेत्र में योगदान और विकास को बढ़ावा देगा। यहां बनेने वाले शिप से रूस आसानी से भारत के साथ-साथ दुनिया को तेल और गैस निर्यात कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की व्लादिवोस्तोक की यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी लगभग साथ-साथ ही रहे। दोनों नेताओं के बीच आपसी गर्मजोशी और तालमेल भी साफ नज़र आया। जहां प्रधानमंत्री मोदी का पहला दिन द्विपक्षीय संबंधों पर रहा तो वहीं दूसरा दिने प्रधानमंत्री मोदी पूर्वी आर्थिक मंच में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।