एमएमयू और अरनी विवि के कुलपतियों की भी छुट्टी

महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय (एमएमयू) कुमारहट्टी जिला सोलन और अरनी विश्वविद्यालय जिला कांगड़ा के कुलपतियों की भी छुट्टी हो गई है। इन दोनों निजी विवि के चांसलरों ने कुलपतियों को पद छोड़ने के निर्देश दे दिए हैं। हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग को ई-मेल भेजकर चांसलरों ने यह जानकारी दी है। चार विवि का आयोग के पास अभी तक जवाब नहीं आया है। सोमवार चार जनवरी को आयोग इनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। एक निजी विवि के कुलपति ने अपनी अयोग्यता पर उठे सवालों की फिर जांच मांगी है।

आयोग ने दिसंबर के पहले सप्ताह में निजी विवि कुलपतियों की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच करने के बाद दस कुलपतियों को अयोग्य करार दिया था। इन विवि के चांसलरों को आयोग ने नोटिस भेजकर अयोग्य कुलपतियों को पद से हटाने को कहा था। इसी बीच तीन विवि कुलपतियों ने इस्तीफा दे दिया। सात ने आरोपों की दोबारा से जांच मांगी थी। बीते सप्ताह दूसरी बार हुई जांच में छह कुलपति फिर अयोग्य साबित हुए हैं।

अयोग्य छह कुलपतियों को हटाने के लिए आयोग ने चांसलरों को निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में शुक्रवार को आयोग के पास एमएमयू और अरनी विवि की ओर से कुलपतियों को हटाने के निर्देश देने की ई-मेल आई है। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि उच्च शिक्षा में गुणात्मकता बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले शूलिनी, बाहरा और बद्दी विवि के कुलपति बीते दिनों इस्तीफे दे चुके हैं।

निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों के खिलाफ जांच शुरू
निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया की शुक्रवार से जांच शुरू हो गई है। हिमाचल विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो वीसी डॉ. एनके शारदा की अध्यक्षता वाली कमेटी ने आयोग कार्यालय में दस्तावेजों की जांच की।