एचआरटीसी एक हजार पीसमील वर्कर अनिश्चितकालीन टूल डाउन हड़ताल पर

हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) में तैनात करीब एक हजार पीसमील वर्कर सोमवार से अनिश्चितकालीन टूल डाउन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने शिमला समेत प्रदेश भर में स्थित एचआरटीसी वर्कशॉप में गेट बंद कर प्रदर्शन और नारेबाजी की। उनकी हड़ताल के साथ ही वर्कशॉप में कामकाज ठप हो गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने उन्हें नियमित करने के लिए परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वयक समिति के साथ हुई बैठक में आश्वस्त किया था। कहा गया था कि इस संबंध में 25 नवंबर तक नीति बना दी जाएगी, लेकिन सरकार 28 नवंबर तक नीति नहीं बना सकी। इसके बाद अब कर्मचारियों ने टूल डाउन हड़ताल शुरू की है। हिमाचल परिवहन निगम पीसमील कर्मचारी संघ के अध्यक्ष खेम चंद ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि कर्मचारी अपने हक के लिए हड़ताल पर गए हैं।

16 से 24 अगस्त के बीच भी कर्मचारी हड़ताल पर थे और उस समय परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया था कि वह नीति बनाकर कर्मचारियों के नियमित होने का रास्ता साफ करेंगे। इसके बाद 16 नवंबर को एचआरटीसी की जेसीसी में भी निगम के एमडी ने आश्वासन दिया। उसके बाद से अब तक इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। खेम चंद ने कहा कि जब तक सरकार लिखित आदेश जारी नहीं करेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। अब पीसमील कर्मचारियों की ओर से इस टूल डाउन हड़ताल को अब अनिश्चितकाल के लिए किया गया है।  उधर, परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने भी पीस मील वर्करों का समर्थन करने का एलान कर दिया है। समिति के सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार ने पिछली बार बातचीत के दौरान समिति के सामने कहा था कि वह नीति बनाएगी, लेकिन कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।